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J&K की बेटी जिसके हौसलों के आगे पस्त पड़ गए हजारों फीट ऊंचे पहाड़, PM मोदी भी जानकर होंगे खुश
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,जम्मू
Updated Thu, 29 Mar 2018 06:24 PM IST
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parul jasrotia
- फोटो : FACEBOOK
जम्मू कश्मीर की महिलाएं भी बुलंदियों पर परचम लहरा रही है। रियासत की तस्वीर बदलने में इनकी भी अहम भूमिका है। आतंकवाद ग्रस्त कश्मीर में महिलाएं अमन बहाली में अहम योगदान दे रही हैं।
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संगीत, कला, साहित्य सभी क्षेत्रों में महिलाएं बदलाव की इबारत लिख रही हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद उनके हौसले बुलंद हैं। प्रस्तुत है बदलाव की गाथा लिख रही रियासत की बेटी पारूल जसरोटिया की कहानी जिनके मजबूत इरादों और हौसलों के हजारों फीट ऊंचे पहाड़ भी पस्त नजर नाते हैं।
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पारूल जसरोटिया भले ही जम्मू केंद्रीय विश्वविद्यालय में पर्यटन से डाक्टरेट कर रही हों, लेकिन पर्यटन और रोमांच सिर्फ उनकी किताब ही नहीं, जिंदगी का भी हिस्सा है। ऊंचे पहाड़ों पर ट्रैकिंग की शौकीन पारूल ने अब तक बीस से अधिक पहाड़ों पर ट्रैकिंग पूरी की है और अब वह देश की कठिन से कठिन चोटियों पर बढ़ने की तैयारियों में जुटी हैं।
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पर ऐसा नहीं कि पारूल ने अपने शौक के लिए पढ़ाई की जरूरतों को नजरअंदाज किया हो। यह सुनकर खास ही लगता है कि ट्रैकिंग, एडवेंचर स्पोर्ट्स के शौक और शादीशुदा जिंदगी की जिम्मेदारियों को एक साथ निभाने वाली पारूल ने टूरिज्म और मार्केटिंग में एमबीए किया और हाल में भी डाक्टरेट की उपाधि पाने की तैयारी कर रही हैं।
पारूल ने जिस शिद्दत से अपने जुनून के लिए काम किया वह देश की हर उस महिला के लिए मिसाल हैं जो अपने शौक को पूरा करने की हिम्मत रखती है।