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माउंट एवरेस्ट फतह करने वाली पहली कश्मीर महिला बनी नाहिदा, 42 दिन में पहुंची शिखर पर
Sat, 25 May 2019 12:34 AM IST
Pranjal Dixit
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: Pranjal Dixit
Updated Sat, 25 May 2019 12:34 AM IST
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नाहिदा खातून
- फोटो : अमर उजाला
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हौसलों से ही उड़ान होती है। जेब में अपने ख्वाबों को तामीर करने के लिए जरूरी पैसे भले न हों पर उसने हिम्मत नहीं हारी और ऑनलाइन चंदा जुटाया। आज नतीजा सामने है। जी हां, जम्मू-कश्मीर की लाडली नाहिदा खातून ने बुधवार को दुनिया की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट फतह कर ली। इससे पहले मंगलवार को जम्मू कश्मीर पुलिस के दो जवानों नजीर अहमद व फलील सिंह ने एवरेस्ट फतह किया था।
ऑनलाइन चंदा जुटाकर विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848 मीटर) को फतह करने निकली नाहिदा (26) ने बुधवार को अपनी गाइड निमा कंचन के साथ 42 दिनों में इस कठिन चढ़ाई को पूरा किया। श्रीनगर में जेवन पंथा चौक की रहने वाली नाहिदा मंजूर ने आठ अप्रैल को सफर की शुरूआत की थी।
नाहिदा का एवरेस्ट का सफर काफी कठिनाइयों भरा रहा। एवरेस्ट अभियान के लिए उसके पास पैसे की कमी थी, उसने हौसले नहीं हारे,ऑनलाइन चंदा जुटाया और अपने अभियान पर निकल गई। इस अभियान का आयोजन हैदराबाद की ट्रंजिट एंड एडवेंचर क्लब ने किया था। नाहिदा ने नेहरू इंस्टीट्यूट आफ माउंटेनियरिंग से बेसिक कोर्स किया है।
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इससे पहले कश्मीर में स्थित 3966 मीटर ऊं ची चोटी महादेव पर भी फतह हासिल की थी। नाहिदा के पिता मंजूर अहमद पंपौरी की छोटी सी किराने की दुकान है। नाहिदा विश्व भारती कालेज रैनवाड़ी (कश्मीर) में फाइनल वर्ष की छात्रा है। दुनिया की सबसे से ऊंची चोटी को फतह करने के बाद वह बैस कैंप लौट रही है। इस अभियान के लिए स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल ने नाहिदा मंजूर के लिए आठ लाख रुपये की आर्थिक मदद जारी की है।
महबूबा मुफ्ती ने दी बधाई
नाहिदा मंजूर के माउंट एवरेस्ट फतह करने पर पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा ने बधाई दी है। उन्होंने लिखा कि कश्मीर के परिप्रेक्ष्य में मानवतावादी खबर गायब हो चुकी हैं ऐसे में नाहिदा की कामयाबी एक मिसाल है। नाहिदा कश्मीर की पहली महिला पर्वतारोही है जिसने माउंट एवरेस्ट फतह किया।
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ऑनलाइन चंदा जुटाकर विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट (8848 मीटर) को फतह करने निकली नाहिदा (26) ने बुधवार को अपनी गाइड निमा कंचन के साथ 42 दिनों में इस कठिन चढ़ाई को पूरा किया। श्रीनगर में जेवन पंथा चौक की रहने वाली नाहिदा मंजूर ने आठ अप्रैल को सफर की शुरूआत की थी।
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नाहिदा का एवरेस्ट का सफर काफी कठिनाइयों भरा रहा। एवरेस्ट अभियान के लिए उसके पास पैसे की कमी थी, उसने हौसले नहीं हारे,ऑनलाइन चंदा जुटाया और अपने अभियान पर निकल गई। इस अभियान का आयोजन हैदराबाद की ट्रंजिट एंड एडवेंचर क्लब ने किया था। नाहिदा ने नेहरू इंस्टीट्यूट आफ माउंटेनियरिंग से बेसिक कोर्स किया है।
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इससे पहले कश्मीर में स्थित 3966 मीटर ऊं ची चोटी महादेव पर भी फतह हासिल की थी। नाहिदा के पिता मंजूर अहमद पंपौरी की छोटी सी किराने की दुकान है। नाहिदा विश्व भारती कालेज रैनवाड़ी (कश्मीर) में फाइनल वर्ष की छात्रा है। दुनिया की सबसे से ऊंची चोटी को फतह करने के बाद वह बैस कैंप लौट रही है। इस अभियान के लिए स्टेट स्पोर्ट्स काउंसिल ने नाहिदा मंजूर के लिए आठ लाख रुपये की आर्थिक मदद जारी की है।
महबूबा मुफ्ती ने दी बधाई
नाहिदा मंजूर के माउंट एवरेस्ट फतह करने पर पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा ने बधाई दी है। उन्होंने लिखा कि कश्मीर के परिप्रेक्ष्य में मानवतावादी खबर गायब हो चुकी हैं ऐसे में नाहिदा की कामयाबी एक मिसाल है। नाहिदा कश्मीर की पहली महिला पर्वतारोही है जिसने माउंट एवरेस्ट फतह किया।