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जम्मू-कश्मीर: बाड़ी ब्राह्मणा के राज विजय सिंह बिहार में बने सेशन जज, परीक्षा में पाया दूसरा स्थान

Sun, 12 Sep 2021 11:20 AM IST
प्रशांत कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़ी ब्राह्मणा (सांबा)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बाड़ी ब्राह्मणा (सांबा) Published by: प्रशांत कुमार Updated Sun, 12 Sep 2021 11:20 AM IST
सार

राज विजय सिंह ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा सैनिक स्कूल रत्नूचक से हुई। उसके बाद स्नातक के लिए साइंस कॉलेज में दाखिला लिया। इसके बाद जम्मू यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री हासिल की। उसके बाद वह मन बना चुके थे कि वकालत में ही भविष्य बनाएंगे।

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Jammu and Kashmir Raj Vijay Singh of Bari Brahmana became the Sessions Judge in Bihar
राज विजय सिंह - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जम्मू संभाग के सांबा में पंचायत अपर कार्थोली के राज विजय सिंह ने बिहार न्यायपालिका में सेशन जज के पद पर दूसरा स्थान प्राप्त किया है। उन्हें बिहार में सेशन जज के पर तैनाती मिली है। राज विजय सिंह आठ साल से सांबा कोर्ट में प्रेक्टिस कर रहे थे। उन्होंने बिहार न्यायपालिका में सेशन जज के पद के लिए आवेदन दिया। 9 सितंबर को सूच जानी होने पर 27 सेशन जज में उनका नाम दूसरे स्थान पर है। जो जम्मू-कश्मीर और जिला सांबा के लिए गौरवशाली क्षण है। राज विजय सिंह ने बताया कि उनकी प्रारंभिक शिक्षा सैनिक स्कूल रत्नूचक से हुई। उसके बाद स्नातक के लिए साइंस कॉलेज में दाखिला लिया। इसके बाद जम्मू यूनिवर्सिटी से एलएलबी की डिग्री हासिल की। उसके बाद वह मन बना चुके थे कि वकालत में ही भविष्य बनाएंगे।

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उन्होंने बताया कि वह 2008 से सांबा कोर्ट में प्रेक्टिस कर रहे थे और कश्मीर कोर्ट सर्विस में भी इसके लिए उन्होंने कई बार आवेदन किए। दो बार वह साक्षात्कार तक भी पहुंचे, लेकिन उनका नाम मेरिट में नहीं आया। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी इस असफलता को हथियार बना कर काम करना शुरू कर दिया। कई बार वह विभिन्न प्रकार के ज्यूडीशियरी सर्विस के फॉर्म भरा करते थे। उन्हीं में से एक फॉर्म उन्होंने बिहार ज्यूडीशियरी के लिए भरा। उन्होंने बताया कि उनके पिता का देहांत हो चुका है। घर में दिक्कतें होने के बाद भी वह अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए दिन रात मेहनत करते रहे। उन्होंने मन बना लिया था कि वह ज्यूडीशियरी में अपना मुकाम हासिल करके रहेंगे। उन्होंने बताया कि उन्हें कई तकलीफों का सामना करना पड़ा, लेकिन उसके बाद वह अपने इस लक्ष्य में लगे रहे, जिसे आज उन्होंने हासिल कर लिया है। 
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उन्होंने इसका पूरा श्रेय माता-पिता और परिवार को दिया है। उन्होंने बताया कि उनकी इस लगन और मेहनत में पत्नी ने भी पूरा सहयोग किया, जिसके कारण आज वह इस मुकाम तक पहुंच पाए हैं। राज विजय सिंह का एक बेटा भी है।

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