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जेल विभाग के खिलाफ प्रदर्शन
ब्यूूराे/जम्मूू
Updated Tue, 18 Nov 2014 01:29 AM IST
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जेलों में जेल वार्डन के पदों पर चुने गए प्रतिभागियों को नियुक्त न करने को लेकर रोष व्याप्त है। चुने गए लोगों ने सोमवार को प्रेस क्लब के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और नारेबाजी की।
जेल विभाग के निदेशक और गृह विभाग से भी मांग की गई कि उनको जल्द नियुक्त किया जाए। इन लोगों को कई वर्ष पहले जेलों में वार्डन के पद चुना गया था, लेकिन अब तक जेलों में इनकी नियुक्ति नहीं की गई।
इससे वे दरबदर होने को मजबूर हैं। प्रतिभागियों ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि एक प्रतिभागी अश्विनी कुमार ने कहा कि कई राजनीतिक दलों और गैर राजनीतिक संस्थाओं के सहयोग मिलने के बावजूद भी सरकार ने कुछ नहीं किया।
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कई बार इसे लेकर विरोध प्रदर्शन और धरने दिए गए, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। विभाग में चुने जाने के बाद भी अब तक नियुक्त नहीं किया गया। इससे चुने गए लोग परेशानी में हैं।
सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अब चुने गए लोगों के सब्र का बांध टूटता जा रहा है। अगर जल्द ही उनकी मांग पर अमल नहीं किया गया तो उग्र रूप से प्रदर्शन किया जाएगा।
सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। जेल विभाग के निदेशक से भी मांग की कि उनकी इस समस्या पर गंभीरता से विचार किया जाए, क्योंकि पिछले लंबे समय से वे लोग इसे लेकर निरंतर प्रदर्शन करते आ रहे हैं।
कई बार धरने पर बैठे हैं, लेकिन कोई भी इसकी तरफ ध्यान नहीं दे रहा। उल्लेखनीय है कि जेल विभाग में 2000 पद खाली हैं और वर्ष 1995 के बाद कोई भी नियुक्ति नहीं की गई है।
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जेल विभाग के निदेशक और गृह विभाग से भी मांग की गई कि उनको जल्द नियुक्त किया जाए। इन लोगों को कई वर्ष पहले जेलों में वार्डन के पद चुना गया था, लेकिन अब तक जेलों में इनकी नियुक्ति नहीं की गई।
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इससे वे दरबदर होने को मजबूर हैं। प्रतिभागियों ने प्रदर्शन करते हुए कहा कि एक प्रतिभागी अश्विनी कुमार ने कहा कि कई राजनीतिक दलों और गैर राजनीतिक संस्थाओं के सहयोग मिलने के बावजूद भी सरकार ने कुछ नहीं किया।
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कई बार इसे लेकर विरोध प्रदर्शन और धरने दिए गए, लेकिन किसी ने सुध नहीं ली। विभाग में चुने जाने के बाद भी अब तक नियुक्त नहीं किया गया। इससे चुने गए लोग परेशानी में हैं।
सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि अब चुने गए लोगों के सब्र का बांध टूटता जा रहा है। अगर जल्द ही उनकी मांग पर अमल नहीं किया गया तो उग्र रूप से प्रदर्शन किया जाएगा।
सरकार को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। जेल विभाग के निदेशक से भी मांग की कि उनकी इस समस्या पर गंभीरता से विचार किया जाए, क्योंकि पिछले लंबे समय से वे लोग इसे लेकर निरंतर प्रदर्शन करते आ रहे हैं।
कई बार धरने पर बैठे हैं, लेकिन कोई भी इसकी तरफ ध्यान नहीं दे रहा। उल्लेखनीय है कि जेल विभाग में 2000 पद खाली हैं और वर्ष 1995 के बाद कोई भी नियुक्ति नहीं की गई है।