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रात में फिर हुई गोलाबारी से दहशत में ग्रामीण
ब्यूरो/अमर उजाला, सांबा
Updated Fri, 02 Jan 2015 01:26 AM IST
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पाक रेंजरों के बुधवार रात को भी गोलाबारी करने से सीमावर्ती गांवों के ग्रामीण सारी रात दहशत के साये में रहे। उन्हें अपने परिवाराें की चिंता सता रही थी।
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सीमावर्ती गांव मंगुचक, चक सददा, चचवाल, चलेआरी, रिगाल, चक फकीरा, सुचेतपुर और बैनगलाड गांव के ग्रामीणों ने बुधवार रात काफी दहशत में गुजारी।
चलेआरी गांव में बीती रात पाक रेजराें की ओर से की गई गोलाबारी से वे काफी दहशत में रहे। ग्रामीण जीत सिंह, प्रियंका देवी, शिवानी काटल, विमला देवी, चंचला, रेनुवाला, सिकंदर चौधरी, राहुल आदि ने बताया कि सारी रात वे अपने परिवाराें के साथ एक ही कमरे में दुबके रहे।
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उन्हें चिंता सता रही थी कि कहीं पाक गोलाबारी से उन्हें जानी नुकसान का सामना न करना पडे़। उन्होंने बताया कि बुधवार को मध्यरात्रि एक बजे से सुबह चार बजे तक दोनों ओर से जमकर गोलाबारी हुई थी।
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उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वे क्या करें। उनके बच्चे भी काफी डरे हुए थे। उन्होंने बताया कि जब चलेआरी गांव में एक गोला कर्ण सिंह के आंगन में फटा और दो गोले उन के घर के पीछे पास ही खेत में फटे तो उन्हें चिंता सताने लगी।
यही हाल रिंगाल, मंगु चक और अन्य गांवों के ग्रामीणों का था। मावा की बस्ती में भी लोगों के घरों में पाकिस्तानी रेंजरों द्वारा दागी गई गोलियां मिलीं।
लोग घरों में ही कैद होकर रह गए थे। चक फकीरा गांव और बैनगलाड गांव के आस पास भी गोले फटे थे जिससे कोई नुकसान नहीं हुआ।
उधर, अरनिया से प्राप्त समाचार के अनुसार बुधवार रात को भी पाक रेंजरों की फायरिंग से क्षेत्र के लोग सहमे हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस कड़ाके की ठंड में पलायन की बात सोच कर भी वे सिहर उठते हैं।
क्षेत्र के निवासी अतर सिंह, मोहन लाल, रमेश लाल, राम लाल, पूर्ण चंद, तिलकराज आदि का कहना है कि अभी वे कुछ दिन पहले हुए पलायन के दर्द से उबर भी नहीं पाए थे कि फिर से पलायन का डर सताने लगा है। इससे ग्रामीण बहुत परेशान हैं।