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सरकार के खिलाफ नारेबाजी की, डोगरा सर्टिफिकेट पर जोर दिया
Jammu
Updated Wed, 22 May 2013 05:30 AM IST
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जम्मू। भाजपा के नेतृत्व में मंगलवार को कठुआ, हीरानगर, आरएस पुरा और अखनूर के कंडी और सीमावर्ती ग्रामीणों ने राजभवन के बाहर धरना देकर राज्य सरकार को आड़े हाथ लिया। प्रदर्शनकारी ग्रामीणों ने नारेबाजी करते हुए डोगरा सर्टिफिकेट को दोबारा शुरू करने की जोरदार मांग की। एलओसी से सटे लोगों की तर्ज पर अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे ग्रामीणों को भी आरबीए का दर्जा देने पर जोर दिया गया।
भाजपा नेता ठाकुर रंजीत सिंह ने कहा कि पिछले छह दशक से कंडी और सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को उनका हक नहीं मिल पाया है। कठुआ और अखनूर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे लोगों को बुनियादी सुविधाएं तक नसीब नहीं हैं। राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य अशोक खजूरिया ने कहा कि सरकार जनता की समस्याएं हल करने के लिए उनके पास पहुंचने के दावे कर रही है, मगर आज कंडी और सीमावर्ती क्षेत्रों के ग्रामीण राजभवन के बाहर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
कंडी इलाकों में सिंचाई की उचित व्यवस्था न होने से ग्रामीणों को मजबूरन पुराने ढर्रे पर पारंपरिक तालाबों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। पूर्व राज्य प्रधान शमशेर सिंह मन्हास ने कहा कि सीमावर्ती और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर इस पार आए दिन लोग क्रास फायरिंग और बारूदी सुरंगों का शिकार हो रहे हैं, लेकिन सरकार को उनकी सुरक्षा से कोई लेना-देना नहीं है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता डा. जतिंद्र सिंह ने कहा कि महाराजा के समय से डोगरा सर्टिफिकेट को शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य कंडी से शारीरिक रूप से फिट युवाओं को देश की सेवा करने का मौका देना था लेकिन सरकार ने एक साजिश के तहत प्रमाणपत्रों की प्रक्रिया को बंद करवाया है। राज्य महासचिव राजीव जसरोटिया ने कहा कि केंद्रीय प्रायोजित बार्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट योजना को पूरी तरह से अमल में नहीं लाया जा रहा है। इस बीच राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन दिया गया। इस अवसर पर मुनीश शर्मा, जसवीर सिंह लक्की, विभोद गुप्ता, कविंद्र गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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भाजपा नेता ठाकुर रंजीत सिंह ने कहा कि पिछले छह दशक से कंडी और सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को उनका हक नहीं मिल पाया है। कठुआ और अखनूर में अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बसे लोगों को बुनियादी सुविधाएं तक नसीब नहीं हैं। राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य अशोक खजूरिया ने कहा कि सरकार जनता की समस्याएं हल करने के लिए उनके पास पहुंचने के दावे कर रही है, मगर आज कंडी और सीमावर्ती क्षेत्रों के ग्रामीण राजभवन के बाहर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
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कंडी इलाकों में सिंचाई की उचित व्यवस्था न होने से ग्रामीणों को मजबूरन पुराने ढर्रे पर पारंपरिक तालाबों पर निर्भर रहना पड़ रहा है। पूर्व राज्य प्रधान शमशेर सिंह मन्हास ने कहा कि सीमावर्ती और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर इस पार आए दिन लोग क्रास फायरिंग और बारूदी सुरंगों का शिकार हो रहे हैं, लेकिन सरकार को उनकी सुरक्षा से कोई लेना-देना नहीं है। भाजपा के मुख्य प्रवक्ता डा. जतिंद्र सिंह ने कहा कि महाराजा के समय से डोगरा सर्टिफिकेट को शुरू किया गया था। इसका उद्देश्य कंडी से शारीरिक रूप से फिट युवाओं को देश की सेवा करने का मौका देना था लेकिन सरकार ने एक साजिश के तहत प्रमाणपत्रों की प्रक्रिया को बंद करवाया है। राज्य महासचिव राजीव जसरोटिया ने कहा कि केंद्रीय प्रायोजित बार्डर एरिया डेवलपमेंट प्रोजेक्ट योजना को पूरी तरह से अमल में नहीं लाया जा रहा है। इस बीच राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन दिया गया। इस अवसर पर मुनीश शर्मा, जसवीर सिंह लक्की, विभोद गुप्ता, कविंद्र गुप्ता आदि मौजूद रहे।
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