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मुलाजिमों की तीन दिवसीय हड़ताल आज से शुरू
Jammu
Updated Tue, 08 Jan 2013 05:30 AM IST
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जम्मू। सरकार और मुलाजिमों में गतिरोध समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा। सरकार पर कर्मचारी विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाते हुए ज्वाइंट कंसल्टेटिव कमेटी (जेसीसी) के झंडे तले मंगलवार आठ जुलाई से रियासत के साढ़े चार लाख सरकारी मुलाजिम राज्यव्यापी तीन दिवसीय हड़ताल पर जा रहे हैं। इस दौरान कामकाज ठप कर रोष रैलियां निकलेंगी और धरना प्रदर्शन किया जाएगा। बहरहाल आपातकालीन सेवाओं को हड़ताल से बाहर रखा गया है।
मुलाजिमों के संयुक्त संगठन जेसीसी में खुर्शीद आलम, अब्दुल क्यूम वानी और मोहम्मद गफूर डार की अगुवाई में इंप्लाइज ज्वाइंट एक्शन कमेेटियां शामिल हैं। आठ जनवरी को हड़ताल के पहले दिन जिला स्तर पर रैलियां निकाली जाएंगी। जम्मू में मंडलायुक्त कार्यालय के बाहर कर्मचारी उमड़ेंगे। नौ जनवरी को कार्यालय परिसरों में ही धरना प्रदर्शन किया जाएगा और दस जनवरी को प्रांतीय स्तर की रैलियां जम्मू और श्रीनगर में निकाली जाएंगी। जेसीसी की कोर कमेटी के सदस्य खुर्शीद आलम और मोहम्मद गफूर डार का कहना है कि रियासती सरकार मुलाजिमों की अनदेखी कर रही है। जिन मांगों पर सरकार ने सहमति जताकर समझौता किया, उसे भी लागू नहीं किया जा रहा। ऐसे में आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं है। तीन दिवसीय आंदोलन के बाद इससे भी कठोर कदम उठाया जा सकता है। हड़ताल से आम लोगों को अपने काम करवाने में दिक्कतें हो सकती है।
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मुलाजिमों के संयुक्त संगठन जेसीसी में खुर्शीद आलम, अब्दुल क्यूम वानी और मोहम्मद गफूर डार की अगुवाई में इंप्लाइज ज्वाइंट एक्शन कमेेटियां शामिल हैं। आठ जनवरी को हड़ताल के पहले दिन जिला स्तर पर रैलियां निकाली जाएंगी। जम्मू में मंडलायुक्त कार्यालय के बाहर कर्मचारी उमड़ेंगे। नौ जनवरी को कार्यालय परिसरों में ही धरना प्रदर्शन किया जाएगा और दस जनवरी को प्रांतीय स्तर की रैलियां जम्मू और श्रीनगर में निकाली जाएंगी। जेसीसी की कोर कमेटी के सदस्य खुर्शीद आलम और मोहम्मद गफूर डार का कहना है कि रियासती सरकार मुलाजिमों की अनदेखी कर रही है। जिन मांगों पर सरकार ने सहमति जताकर समझौता किया, उसे भी लागू नहीं किया जा रहा। ऐसे में आंदोलन के अलावा कोई विकल्प नहीं है। तीन दिवसीय आंदोलन के बाद इससे भी कठोर कदम उठाया जा सकता है। हड़ताल से आम लोगों को अपने काम करवाने में दिक्कतें हो सकती है।
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