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प्रदूषण नियमों की धज्जियां
Jammu
Updated Thu, 22 Nov 2012 12:00 PM IST
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जम्मू। जीएमसी में प्रदूषण नियंत्रण नियमों को ताक पर रखकर बिना पालीथिन लिफाफे डाले ही डस्टबिन को इस्तेमाल किया जा रहा है।
अस्पताल के विभिन्न यूनिटों से इन्फेक्शन युक्त और अन्य बायो मेडिकल वेस्ट को इकट्ठा करने के लिए तीन सौ से ज्यादा डस्टबिन बन लगाए गए हैं, लेकिन इन दिनों अधिकांश डस्टबिन बिना पालीथिन लिफाफे डाले ही प्रयोग में लाए जा रहे हैं। इन लिफाफों के माध्यम से पूरी वेस्ट को इकट्ठा उठाकर निकाल लिया जाता है। लेकिन ऐसी व्यवस्था न होने से संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। इस संबंध में अधीक्षक डा. मनोज चलोत्रा ने संपर्क करने पर फोन उठाना बेहतर नहीं समझा। अस्पताल के विभिन्न यूनिटों के अलावा इमरजेंसी, ओटी, सीसीयू, आईसीयू आदि में डस्टबिन में पीले और काले रंग के बड़े पालीथिन लिफाफे डाले जाते हैं।
इसमें पीले लिफाफों में इंजेक्शन, पट्टियां आदि इन्फेक्शन युक्त वेस्ट डाली जाती है, जबकि काले लिफाफे वाले डस्टबिन में अन्य दूसरी वेस्ट डाली जाती है, लेकिन मौजूदा समय में लिफाफे न होने के कारण डस्टबिन में सीधी ही बायो मेडिकल वेस्ट डाली जा रही है। इससे वेस्ट को ले जाने के दौरान अमूमन संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है।
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अस्पताल के विभिन्न यूनिटों से इन्फेक्शन युक्त और अन्य बायो मेडिकल वेस्ट को इकट्ठा करने के लिए तीन सौ से ज्यादा डस्टबिन बन लगाए गए हैं, लेकिन इन दिनों अधिकांश डस्टबिन बिना पालीथिन लिफाफे डाले ही प्रयोग में लाए जा रहे हैं। इन लिफाफों के माध्यम से पूरी वेस्ट को इकट्ठा उठाकर निकाल लिया जाता है। लेकिन ऐसी व्यवस्था न होने से संक्रमण फैलने की आशंका रहती है। इस संबंध में अधीक्षक डा. मनोज चलोत्रा ने संपर्क करने पर फोन उठाना बेहतर नहीं समझा। अस्पताल के विभिन्न यूनिटों के अलावा इमरजेंसी, ओटी, सीसीयू, आईसीयू आदि में डस्टबिन में पीले और काले रंग के बड़े पालीथिन लिफाफे डाले जाते हैं।
इसमें पीले लिफाफों में इंजेक्शन, पट्टियां आदि इन्फेक्शन युक्त वेस्ट डाली जाती है, जबकि काले लिफाफे वाले डस्टबिन में अन्य दूसरी वेस्ट डाली जाती है, लेकिन मौजूदा समय में लिफाफे न होने के कारण डस्टबिन में सीधी ही बायो मेडिकल वेस्ट डाली जा रही है। इससे वेस्ट को ले जाने के दौरान अमूमन संक्रमण फैलने की आशंका बनी रहती है।
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