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डिग्री कालेज पुंछ के बाटनी के विद्यार्थियों को दो वर्षों के बाद खुले में प्रयोग हेतू पुलस्त नदी पर ले जाया गया
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पुंछ। डिग्री कॉलेज के बाटनी विभाग की तरफ से मंगलवार को विद्यार्थियों को दो वर्ष बाद खुले में प्रयोग (प्रैक्टिकल) और सैंपल जमा करने के लिए कॉलेज से बाहर पुलस्त नदी किनारे लाया गया। जहां प्रोफेसरों की देखरेख में विद्यार्थियों ने पानी में होने वाली वनस्पतियों के बारे में जानकारी प्राप्त करते हुए उनके सैंपल जमा किए। अब कॉलेज की प्रयोगशाला में परीक्षण किया जाएगा।
इस प्रकार पहली बार खुले में प्रैक्टिकल के लिए जाने से विद्यार्थियों में प्रसन्नता देखने को मिली। इसके लिए उन्होंने प्राचार्य मुसर्रफ हुसैन शाह और बाटनी विभाग की एचओडी डॉक्टर रानी मुगल का धन्यवाद करते हुए कहा कि कोरोना के नए खतरों के बावजूद हमें इस प्रकार नदी किनारे लाकर प्रैक्टिकल और सैंपल एकत्र कराने का काम कर हम पर बड़ा उपकार किया है।
डॉक्टर रानी मुगल ने कहा कि दो वर्ष से कोरोना के कारण हम लोग बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा दे रहे थे, परंतु विज्ञान विषय में बिना प्रैक्टिकल के पढ़ाई मुश्किल होती है। ऐसे में हमने आज प्राचार्य की आज्ञा पर अपने सहयोगी शिक्षकों डॉक्टर अजीज अहमद और डॉक्टर मारूफ खान के साथ बाटनी विभाग के प्रथम सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं को नदी किनारे प्रैक्टिकल और जलीय वनस्पतियों के सैंपल जमा करने के लिए लाया है। ताकि इन बच्चों को कम से कम सीधे तौर पर इन वनस्पतियों के बारे में जानकारी प्रदान की जा सके।
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इस प्रकार पहली बार खुले में प्रैक्टिकल के लिए जाने से विद्यार्थियों में प्रसन्नता देखने को मिली। इसके लिए उन्होंने प्राचार्य मुसर्रफ हुसैन शाह और बाटनी विभाग की एचओडी डॉक्टर रानी मुगल का धन्यवाद करते हुए कहा कि कोरोना के नए खतरों के बावजूद हमें इस प्रकार नदी किनारे लाकर प्रैक्टिकल और सैंपल एकत्र कराने का काम कर हम पर बड़ा उपकार किया है।
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डॉक्टर रानी मुगल ने कहा कि दो वर्ष से कोरोना के कारण हम लोग बच्चों को ऑनलाइन शिक्षा दे रहे थे, परंतु विज्ञान विषय में बिना प्रैक्टिकल के पढ़ाई मुश्किल होती है। ऐसे में हमने आज प्राचार्य की आज्ञा पर अपने सहयोगी शिक्षकों डॉक्टर अजीज अहमद और डॉक्टर मारूफ खान के साथ बाटनी विभाग के प्रथम सेमेस्टर के छात्र-छात्राओं को नदी किनारे प्रैक्टिकल और जलीय वनस्पतियों के सैंपल जमा करने के लिए लाया है। ताकि इन बच्चों को कम से कम सीधे तौर पर इन वनस्पतियों के बारे में जानकारी प्रदान की जा सके।
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