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श्रीराम कुंड तीर्थ स्थान के लिए छड़ी यात्रा निकाली गई
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मेंढर। श्री हनुमान मंदिर से बुधवार सुबह चैत्र चोहदशी मेले के उपलक्ष्य में श्रीराम कुंड तीर्थ स्थान के लिए छड़ी यात्रा निकाली गई। इसमें काफी संख्या में बच्चे, महिलाएं और पुरुष शामिल हुए। छड़ी यात्रा संत कर्म बाबा की अगुवाई में सुरक्षा के बीच रवाना हुई, और मुख्य बाजार से भजन कीर्तन करते जयकारा लगाते हुए श्रीराम कुंड तीर्थ स्थान पहुंची।
मंदिर में छड़ी को रखा गया, जिसके बाद श्री रामायण पाठ शुरू किया गया। इसका भोग चैत्र चौहदशी के दिन पड़ेगा और यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। मेंढर मुख्यालय से करीब दस किलोमीटर की दूरी पर राम कुंड गांव स्थित यह स्थान पांडवों ने अपने वनवास के दौरान बनाया था। यहां एक मंदिर और तीन कुंड हैं, जो राम कुंड, सीता कुंड और लक्ष्मण कुंड के नाम से जाने जाते हैं। पुरुष राम कुंड तथा लक्ष्मण कुंड और महिलाएं सीता कुंड में स्नान करके अपने आप को धन्य समझते हैं।
श्रीराम कुंड मंदिर कमेटी के सदस्य सोनू शर्मा, रोशन लाल रविंद्र कुमार, करण कपूर आदि का कहना था कि इस तीर्थ स्थल पर हर वर्ष चैत्र मास में मेले का आयोजन किया जाता हैं, जिसमें मेंढर के साथ-साथ पुंछ, राजोरी से भी लोग शामिल होते हैं।
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मंदिर में छड़ी को रखा गया, जिसके बाद श्री रामायण पाठ शुरू किया गया। इसका भोग चैत्र चौहदशी के दिन पड़ेगा और यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। मेंढर मुख्यालय से करीब दस किलोमीटर की दूरी पर राम कुंड गांव स्थित यह स्थान पांडवों ने अपने वनवास के दौरान बनाया था। यहां एक मंदिर और तीन कुंड हैं, जो राम कुंड, सीता कुंड और लक्ष्मण कुंड के नाम से जाने जाते हैं। पुरुष राम कुंड तथा लक्ष्मण कुंड और महिलाएं सीता कुंड में स्नान करके अपने आप को धन्य समझते हैं।
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श्रीराम कुंड मंदिर कमेटी के सदस्य सोनू शर्मा, रोशन लाल रविंद्र कुमार, करण कपूर आदि का कहना था कि इस तीर्थ स्थल पर हर वर्ष चैत्र मास में मेले का आयोजन किया जाता हैं, जिसमें मेंढर के साथ-साथ पुंछ, राजोरी से भी लोग शामिल होते हैं।
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