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कोरोना के चलते ईद पर कुर्बानी के लिए भेड़ बकरियों की खरीदारी मंदी
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पुंछ। जिले में जहां कुछ समय से कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी आई है। वहीं कोरोना का असर इस बार बकरीद पर भी साफ दिखाई दे रहा है। बकरीद को तीन दिन शेष रहने के बावजूद भी इस बार कुर्बानी के लिए भेड़ बकरों की खरीदारी को लेकर लोगों में उत्साह देखने को नहीं मिल रहा है। इसके कारण एक वर्ष से कड़ी मेहनत कर भेड़ बकरों को विशेष तौर पर पालने वालों में निराशा देखने को मिल रही है।
हालांकि लोगों को बकरीद पर कुर्बानी के लिए भेड़ बकरे उपलब्ध करने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से जिले भर के साथ ही पुंछ नगर के कालेज मैदान में भेड़ बकरों की बिक्री एवं खरीदारी के लिए मंडी स्थापित की गई है। जहां हजारों की संख्या में लोग जमा हो रहे हैं। इन लोगों में शामिल मोहम्मद अलताफ, सराज दीन, नजीर हुसैन, आशिक हुसैन आदि ने कहा कि इस बार कोरोना के चलते हमारा काम काफी मंदा है। हम लोगों को पुश्तैनी काम है बकरीद के लिए भेड़ बकरे पालना। हम हर बार अच्छी कमाई कर लिया करते थे, जिससे हमारा साल भर की रोजी रोटी का जुगाड़ हो जाता था। इस बार हमारा काम नहीं चल रहा है। बहुत कम लोग कुर्बानी के लिए जानवर खरीद रहे हैं। कोरोना के कारण सभी लोगों की कमाई पर बुरा असर पड़ा है, जिसके कारण इस बार लोगों में कुर्बानी के लिए कम उत्साह है। जो लोग कुर्बानी के लिए जानवर खरीदाने आ भी रहे हैं वह मोल भाव अधिक कर रहे हैं। क्योंकि प्रशासन की तरफ से जीवित भेड़ बकरे का मूल्य 230 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया है। जो काफी कम है, उसमें हममें से कोई भी अपना जानवर नहीं बेच सकता है।
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हालांकि लोगों को बकरीद पर कुर्बानी के लिए भेड़ बकरे उपलब्ध करने के लिए जिला प्रशासन की तरफ से जिले भर के साथ ही पुंछ नगर के कालेज मैदान में भेड़ बकरों की बिक्री एवं खरीदारी के लिए मंडी स्थापित की गई है। जहां हजारों की संख्या में लोग जमा हो रहे हैं। इन लोगों में शामिल मोहम्मद अलताफ, सराज दीन, नजीर हुसैन, आशिक हुसैन आदि ने कहा कि इस बार कोरोना के चलते हमारा काम काफी मंदा है। हम लोगों को पुश्तैनी काम है बकरीद के लिए भेड़ बकरे पालना। हम हर बार अच्छी कमाई कर लिया करते थे, जिससे हमारा साल भर की रोजी रोटी का जुगाड़ हो जाता था। इस बार हमारा काम नहीं चल रहा है। बहुत कम लोग कुर्बानी के लिए जानवर खरीद रहे हैं। कोरोना के कारण सभी लोगों की कमाई पर बुरा असर पड़ा है, जिसके कारण इस बार लोगों में कुर्बानी के लिए कम उत्साह है। जो लोग कुर्बानी के लिए जानवर खरीदाने आ भी रहे हैं वह मोल भाव अधिक कर रहे हैं। क्योंकि प्रशासन की तरफ से जीवित भेड़ बकरे का मूल्य 230 रुपये प्रति किलो निर्धारित किया गया है। जो काफी कम है, उसमें हममें से कोई भी अपना जानवर नहीं बेच सकता है।
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