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मेंढर उप जिला अस्पताल में रक्तदाता दिवस मनाया गया,रक्त दान की ली गई शपथ
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पुंछ। देश के अन्य भागों की तरह मंगलवार को मेंढर के उपजिला अस्पताल में रक्तदाता दिवस मनाया गया। इसमें बड़ी संख्या में स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों अधिकारियों, समाजसेवकों और रक्तदाताओं ने भाग लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता बीएमओ डॉक्टर परवेज अहमद खान ने की।
इस अवसर पर जहां कुछ रक्तदाताओं ने रक्त का दान किया। वहीं आज के दिन के उपलक्ष्य में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने उन्हें रक्तदान महादान के बारे में जागरूक करते हुए बताया कि एक रक्तदान से एक जीवन को बचाया जा सकता है। रक्तदान करने वाले का रक्तदान से कोई नुकसान नहीं होता, परंतु उसके इस प्रयास से एक जीवन बच जाता है। वैसे भी हर छह माह बाद एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में मौजूद रक्त दोबारा बनता है। इसलिए हर किसी को छह माह में एक बार रक्तदान करना चाहिए। डॉक्टर परवेज अहमद ने कहा कि आज हर किसी को इस बात के लिए जागरूक करने का प्रयास किए जा रहा है।
राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल में भी रक्तदाता दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर जुलफ्कार अली की अगुवाई में स्वास्थ्य कर्मियों, एएनएमटी स्कूल के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
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बीएसएफ की ओर से लगाया गया रक्तदान शिविर
सुंदरबनी। बीएसएफ की 69 वीं बटालियन की ओर से जीएमसी राजोरी के सहयोग से मंगलवार को यहां रक्तदान शिविर लगाया गया । शिविर में बल के जवानों तथा अधिकारियों ने रक्तदान कर दिवस के महत्व को समझाया। बल के अधिकारियों ने कहा कि रक्त का दान सबसे बड़ा दान है। उन्होंने कहा कि उनके किए गए रक्तदान से किसी गंभीर रूप से बीमार को रक्त मिलने से उसकी बेशकीमती जान बच सकती है। अधिकारियों ने कहा कि हर किसी को रक्तदान करना चाहिए, ताकि उनके द्वारा दान किए गए रक्त के लोगों की जिंदगियां बचाई जा सकें। संवाद
फोटो
विश्व रक्तदाता दिवस पर जागरूकता व्याख्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
नौशेरा। सुरक्षित रक्त और नियमित स्वैच्छिक रक्तदान की आवश्यकता के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 14 जून को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है। क्योंकि रक्त के दान से हर साल लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है।
सेना ने विश्व रक्तदाता दिवस पर मंगलवार को डींग में सैन्य चिकित्सा चिकित्सक की तरफ से व्याख्यान का आयोजन किया। इसमें 52 लोगों ने भाग लिया, जिसका उद्देश्य रक्तदान के महत्व पर जागरूकता बढ़ाना और युवाओं को रक्तदान के लिए प्रोत्साहित करना रहा। प्रतिभागियों को रक्तदान के बीच जागरूकता पैदा करने वाली ऐसी गतिविधियों के आयोजन में भारतीय सेना के प्रयासों की सराहना की गई।
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इस अवसर पर जहां कुछ रक्तदाताओं ने रक्त का दान किया। वहीं आज के दिन के उपलक्ष्य में उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने उन्हें रक्तदान महादान के बारे में जागरूक करते हुए बताया कि एक रक्तदान से एक जीवन को बचाया जा सकता है। रक्तदान करने वाले का रक्तदान से कोई नुकसान नहीं होता, परंतु उसके इस प्रयास से एक जीवन बच जाता है। वैसे भी हर छह माह बाद एक स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में मौजूद रक्त दोबारा बनता है। इसलिए हर किसी को छह माह में एक बार रक्तदान करना चाहिए। डॉक्टर परवेज अहमद ने कहा कि आज हर किसी को इस बात के लिए जागरूक करने का प्रयास किए जा रहा है।
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राजा सुखदेव सिंह जिला अस्पताल में भी रक्तदाता दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इसमें चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर जुलफ्कार अली की अगुवाई में स्वास्थ्य कर्मियों, एएनएमटी स्कूल के छात्र-छात्राओं ने भाग लिया।
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बीएसएफ की ओर से लगाया गया रक्तदान शिविर
सुंदरबनी। बीएसएफ की 69 वीं बटालियन की ओर से जीएमसी राजोरी के सहयोग से मंगलवार को यहां रक्तदान शिविर लगाया गया । शिविर में बल के जवानों तथा अधिकारियों ने रक्तदान कर दिवस के महत्व को समझाया। बल के अधिकारियों ने कहा कि रक्त का दान सबसे बड़ा दान है। उन्होंने कहा कि उनके किए गए रक्तदान से किसी गंभीर रूप से बीमार को रक्त मिलने से उसकी बेशकीमती जान बच सकती है। अधिकारियों ने कहा कि हर किसी को रक्तदान करना चाहिए, ताकि उनके द्वारा दान किए गए रक्त के लोगों की जिंदगियां बचाई जा सकें। संवाद
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विश्व रक्तदाता दिवस पर जागरूकता व्याख्यान
संवाद न्यूज एजेंसी
नौशेरा। सुरक्षित रक्त और नियमित स्वैच्छिक रक्तदान की आवश्यकता के बारे में वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के लिए हर साल 14 जून को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विश्व रक्तदाता दिवस मनाया जाता है। क्योंकि रक्त के दान से हर साल लाखों लोगों की जान बचाई जा सकती है।
सेना ने विश्व रक्तदाता दिवस पर मंगलवार को डींग में सैन्य चिकित्सा चिकित्सक की तरफ से व्याख्यान का आयोजन किया। इसमें 52 लोगों ने भाग लिया, जिसका उद्देश्य रक्तदान के महत्व पर जागरूकता बढ़ाना और युवाओं को रक्तदान के लिए प्रोत्साहित करना रहा। प्रतिभागियों को रक्तदान के बीच जागरूकता पैदा करने वाली ऐसी गतिविधियों के आयोजन में भारतीय सेना के प्रयासों की सराहना की गई।