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उपराज्यपाल: मानवाधिकारों पर आतंकवाद सबसे बड़ा अपराध, नहीं बख्शे जाएंगे आतंकी और समर्थक
Thu, 16 Sep 2021 09:59 PM IST
करिश्मा चिब
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जम्मू
Published by: करिश्मा चिब
Updated Thu, 16 Sep 2021 09:59 PM IST
सार
जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल ने कहा कि आतंकवाद का खात्मा करने के साथ ही जम्मू-कश्मीर पुलिस की जिम्मेदारी जनता का विश्वास जीतना भी है, जिसके लिए सुरक्षाबल प्रभावी ढंग से काम कर रहे हैं।
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जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने आतंकवाद को मानवाधिकारों के खिलाफ सबसे बड़ा अपराध बताया है। उन्होंने कहा कि आतंकवाद को खत्म करने के लिए पूरी ताकत, विश्वास और संकल्प से मुकाबला किया जाएगा। एलजी ने कहा कि कई परिवारों ने आतंकवाद के खिलाफ जंग में अपने बच्चों को खोया है।
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राष्ट्रविरोधी तत्वों को किसी सूरत में बक्शा नहीं जाएगा। आतंकवाद का मुकाबला करने के लिए प्रदेश पुलिस और सुरक्षाबलों ने बलिदान दिया है। जो भी आतंकवाद और उसे बढ़ावा देने में संलिप्त हैं उनके खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी। एलजी शेर-ए-कश्मीर पुलिस अकादमी में आयोजित फायर एंड इमरजेंसी सर्विस के दीक्षांत समारोह के मंच से दी है।
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उन्होंने कहा कि 1984 के बाद से जम्मू-कश्मीर पुलिस के ज्यादातर जवानों और अधिकारियों ने शेर-ए-कश्मीर पुलिस अकादमी से प्रशिक्षण हासिल किया है। इस मिट्टी ने हजारों कैडेट्स को वीर जवान बना कर आंतरिक सुरक्षा को कायम रखने में बल प्रदान किया है।
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तारीख गवाह है कि जवानों और सुरक्षाबलों ने हर संकट पर विजय हासिल की है। प्रदेश सहित हिंदुस्तान का हर नागरिक शांति और भाईचारे की कामना करता है। आतंकवाद का खात्मा करने के साथ ही जम्मू-कश्मीर पुलिस की जिम्मेदारी जनता का विश्वास जीतना भी है, जिसके लिए सुरक्षाबल प्रभावी ढंग से काम कर रहे हैं।
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सोशल मीडिया बना हथियार
एलजी ने कहा कि सोशल मीडिया असामाजिक तत्वों के लिए बड़ा हथियार बन गया है। इसका दुरुपयोग कर जम्मू-कश्मीर की शांति भंग करने की कोशिशें की जा रही हैं। इस हथियार पर पैनी नजर रखने की जरूरत है। प्रदेश पुलिस और सुरक्षाबल अपने काम को बखूबी अंजाम दे रहे हैं।