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पशुशाला में आग लगने से पांच मवेशियों की मौत
Updated Sun, 31 Dec 2017 10:14 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
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पुंछ। शुक्रवार की देर रात नियंत्रण रेखा के पास के गांव दिगवार में संदिग्ध हालत में एक पशुशाला में आग लग गई। इससे उसमें बंधी पांच गायों की मौत हो गई। वहीं, आग लगने की सूचना मिलते ही ग्रामीण और फायर ब्रिगेड के कर्मी मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य में जुट गए। इससे आग को आसपास के मकानों तक फैलने से रोक लिया गया।
जानकारी के अनुसार देर रात जिले के भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर स्थित गांव दिगवार निवासी रोमेश चंद्र के घर के आगे बनी पशुशाला में अचानक आग लग गई। इसका पता परिवार को उस समय चला, जब रात 12 बजे रोमेश चंद्र का पुत्र शौच के लिए बाहर आया। उसने देखा कि पशुशाला से धुंआ और लपटें निकल रही हैं। इस पर शोर मयाया। आसपास के लोगों को भी आवाजें लगानी शुरू की। इसके बाद पशुशाला में लगी आग को बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। इस बीच बड़ी संख्या में ग्रामीण भी आ गए। अंदर बंधी गायों को निकालने के लिए पशुशाला की एक दीवार तोड़ी गई। लेकिन, तब तक देर हो चुकी थी। हादसे में पांच गायों की मौत हो चुकी थी। वहीं बताया जाता है कि ग्रामीणों के फोन करने के एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड के कर्मी मौके पर पहुंचे। कड़े प्रयासों से सुबह पांच बजे आग पर काबू पाया जा सका। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जरूरी कार्रवाई की। हालांकि आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका। पीड़ित रोमेश चंद्र के भाई सुभाष चंद्र और पड़ोसी पंकज शर्मा ने कहा कि जब शोर सुनकर हम लोग मौके पर पहुंचे, तो देखा कि पशुशाला में आग ने विकराल रूप धर लिया है। उन्होंने कहा कि रोमेश चंद्र के परिवार की रोजी रोटी इन्हीं मवेशियों पर निर्भर थी। वह दूध बेचकर परिवार की जरूरतों को पूरा कर रहे थे।
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जानकारी के अनुसार देर रात जिले के भारत-पाकिस्तान नियंत्रण रेखा पर स्थित गांव दिगवार निवासी रोमेश चंद्र के घर के आगे बनी पशुशाला में अचानक आग लग गई। इसका पता परिवार को उस समय चला, जब रात 12 बजे रोमेश चंद्र का पुत्र शौच के लिए बाहर आया। उसने देखा कि पशुशाला से धुंआ और लपटें निकल रही हैं। इस पर शोर मयाया। आसपास के लोगों को भी आवाजें लगानी शुरू की। इसके बाद पशुशाला में लगी आग को बुझाने के प्रयास शुरू कर दिए। इस बीच बड़ी संख्या में ग्रामीण भी आ गए। अंदर बंधी गायों को निकालने के लिए पशुशाला की एक दीवार तोड़ी गई। लेकिन, तब तक देर हो चुकी थी। हादसे में पांच गायों की मौत हो चुकी थी। वहीं बताया जाता है कि ग्रामीणों के फोन करने के एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड के कर्मी मौके पर पहुंचे। कड़े प्रयासों से सुबह पांच बजे आग पर काबू पाया जा सका। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंच कर जरूरी कार्रवाई की। हालांकि आग लगने के कारणों का पता नहीं चल सका। पीड़ित रोमेश चंद्र के भाई सुभाष चंद्र और पड़ोसी पंकज शर्मा ने कहा कि जब शोर सुनकर हम लोग मौके पर पहुंचे, तो देखा कि पशुशाला में आग ने विकराल रूप धर लिया है। उन्होंने कहा कि रोमेश चंद्र के परिवार की रोजी रोटी इन्हीं मवेशियों पर निर्भर थी। वह दूध बेचकर परिवार की जरूरतों को पूरा कर रहे थे।
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