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कठुआ जिला अस्पताल बीमार, डॉक्टर ही नहीं तो कौन करेगा उपचार

Mon, 13 Nov 2017 12:34 AM IST
Updated Mon, 13 Nov 2017 12:34 AM IST
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कठुआ जिला अस्पताल बीमार, डॉक्टर ही नहीं तो कौन करेगा उपचार
कठुआ।
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करोड़ों की लागत से बनकर फाइव स्टार की तरह दिखने वाले जिला अस्पताल की इमारत मात्र सफेद हाथी बनकर रह गई है। यह खुद जिला अस्पताल से प्राप्त आंकडे़ बता रहे हैं। जिला अस्पताल में इस समय अस्पताल अधीक्षक और मेडिकल अधिकारी को मिलाकर कुल 49 पद हैं। इनमें 60 प्रतिशत यानी 29 पद खाली हैं, जबकि मात्र 20 पद ही सृजित हैं। ऐसे में मरीजों की जांच किस प्रकार होती होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है। हालत यह है कि अस्पताल में विशेषज्ञ डाक्टरों का काम मेडिकल अधिकारी कर रहे हैं।
अस्पताल से मिले आंकड़ों पर नजर डालने से यह साफ हो जाता है कि यदि न सिर्फ चिकित्सकों का टोटा है, वरन अन्य सुविधाओं का भी भयंकर अकाल है। ऐसा कहने के पीछे का कारण साफ है कि जिस अस्पताल में फिजिशियन के सभी पद खाली हों, वहां पर आकर तो आप अपने बुखार का इलाज भी नहीं करवा सकते हैं। बदलते मौसम में अगर आपका बच्चा बीमार है तो भी जिला अस्पताल में आपको शिशु रोग विशेषज्ञ नहीं मिलेगा, हां एक मेडिकल अधिकारी आपके बच्चे की जांच कर देगा। इतना ही नहीं दो में से एक ही नेत्र विशेषज्ञ जिला अस्पताल में मौजूद है। ऐसे में करोड़ों की लागत से स्वास्थ्य मंत्रालय ने जिला अस्पताल की इमारत तो बना दी, लेकिन लगता है डाक्टरों के पद भरने में भूल रह गई।
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डाक्टरों की कमी ने बना दिया रेफर अस्पताल
जिला अस्पताल की ऐसा हालत पर जब मरीजों से बात की गई तो उनका साफ कहना था कि जिला अस्पताल में डाक्टरों की कमी के कारण अकसर उन्हें दरबदर होना पड़ता है। सामान्य बुखार के लिए भी उन्हें कई दिनों तक अस्पताल में रहना पड़ता है। मरीजों के साथ आए तीमारदारों का कहना था कि सरकार जिले में मेडिकल कालेज बनाने की बात कर रही है, लेकिन पहले डाक्टरों की कमी तो दूर करे। कई वर्ष से जिला अस्पताल में कभी भी पूरा स्टाफ नहीं मिला। ऐसे में यह मात्र रेफर अस्पताल ही बनकर रह गया है।
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पद सृजित खाली कुल
अस्पताल अधीक्षक 1 0 1
सर्जन 1 2 3
फिजिशियन 0 3 3
बेहोशी वाला डाक्टर 2 1 3
महिला रोग विशेषज्ञ 2 2 4
रेडियोलॉजिस्ट 1 1 2
हड्डी रोग विशेषज्ञ 1 0 1
शिशु रोग विशेषज्ञ 0 2 2
वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ 0 1 1
नेत्र रोग विशेषज्ञ 1 0 1
ईएनटी 0 1 1
दंत रोग विशेषज्ञ 0 3 3
पेथालॉजिस्ट 0 2 2
ब्लड बैंक अधिकारी 0 1 1
मेडिकल अधिकारी 12 10 22
20 29 49


क्या कहते हैं अधीक्षक
जिला अस्पताल में डाक्टरों की कमी है। इसलिए मेडिकल अधिकारियों को तैनात किया जाता है। आपातकालीन कक्ष में डाक्टरों की जरूरत होती है, ऐसे में कई बार खाली पदों के कारण मरीज को रेफर करना पड़ता है। उच्च अधिकारियों को इस संबंध में जानकारी दे दी गई।
-एसडी अत्री, अस्पताल अधीक्षक
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