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22 माइनिंग ब्लाकों की निलामी 22 को
Updated Tue, 28 Nov 2017 11:54 PM IST
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कठुआ। जिले के 22 माइनिंग ब्लाकों की चार दिसंबर को खुली बोली में नीलामी होगी। आठ से दस हेक्टेयर के इन ब्लाक में बिलावर के 19, कठुआ के दो और हीरानगर का एक माइनिंग ब्लाक शामिल है।
खास बात यह है कि खनन विभाग रावी में ग्राउंड वाटर सर्वे करवा रहा है ताकि इस इलाके में खनन के प्रभाव का आंकलन किया जा सके। ऐसे में चार दिसंबर को रावी दरिया के किसी भी ब्लाक की न तो बोली लगेगी और न ही नीलामी होगी। बिलावर के भिनी दरिया के 19 विभिन्न ब्लाक में अगले पांच साल के लिए खनन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है जबकि इससे पहले यह एक ही ब्लाक हुआ करता था। विभाग ने पिछले कई सालों से जिला के नदी और दरिया में होने वाले खनन को देखते हुए कई ब्लाक बफर स्टाक में भी रखे हैं यानि की एक बार फिर भराई होने तक अगले पांच साल के लिए इन ब्लाक में खनन नहीं किया जा रहा है। विभाग ने साफ किया है कि जिला के जिन 22 ब्लाक में खनन के लिए नीलामी होने जा रही है उनमें बोली हासिल करने वाले को विभिन्न विभागों से एनओसी और पर्यावरण क्लीयरेंस भी हासिल करनी होगी। विभाग द्वारा बिलावर के भिनी दरिया, तरनाह अपस्ट्रीम में डिंगा अंब पुल के नजदीक, सहार खड्ड अप और डाउनस्ट्रीम में खनन के लिए नीलामी करवाई जाएगी। निर्धारित नीलामी में अलग-अलग ब्लाक के लिए चालीस हजार से दो लाख तक की राशि कम से कम निर्धारित की गई है।
रावी में नहीं होगा खनन
खनन विभाग के जिला अधिकारी राजिंद्र सिंह राणा ने बताया कि रावी दरिया में ग्राउंड वाटर पर सर्वे शुरू कर दिया गया है। इस संबंध में अधिकारियों को लिखा गया था जिसके बाद विशेषज्ञों की टीम बाकायदा रावी दरिया के आसपास के इलाकों में भू जल के स्तर का आंकलन करने में जुट गई है। उन्होंने बताया कि लगातार शिकायत मिल रही थी कि खनन के चलते भूजल के स्तर पर असर पड़ रहा है। इसी को देखते हुए रावी दरिया के किसी भी ब्लॉक में खनन के लिए निलामी नहीं करवाई जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जहां भी तय मानदंडों से अधिक खनन या फिर भूजल स्तर पर असर पाया जाएगा वहां खनन नहीं करवाया जाएगा।
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जिला सचिवालय के बाहर किया प्रदर्शन
रावी दरिया में खनन के खिलाफ रोष जताते हुए लोगों ने जिला सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों में शामिल लोगाें ने आरोप लगाया कि रावी दरिया में तय मानदंडों से अधिक खनन किया जा रहा है जो क्षेत्र में भूजल स्तर को भी कम कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारी चार दिसंबर को रावी का खनन करवाने जा रहे हैं जो उन्हें कतई बर्दाश्त नहीं है। यदि ऐसा हुआ तो लोग भूख हड़ताल को मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर मिलीभगत का भी आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कहा कि दिन में काम नहीं किया जाता और रात के समय खनन करवाया जा रहा है। लोगों ने आरोप लगाया है कि विभागीय निदेशक और जिला खनन अधिकारी बीते दिन भी मौके पर गए थे और रावी दरिया की निलामी की तैयारी करवाई जा रही है। वहीं जिला खनन अधिकारी ने साफ किया कि लोगों की शिकायत के आधार पर बीते दिन डीआईसी के अधिकारी के साथ मौके पर गए थे और कार्रवाई भी सुनिश्चित की थी। उन्होंने साफ किया कि किसी भी सूरत में नियमों से अधिक खनन नहीं करने दिया जाएगा।
खास बात यह है कि खनन विभाग रावी में ग्राउंड वाटर सर्वे करवा रहा है ताकि इस इलाके में खनन के प्रभाव का आंकलन किया जा सके। ऐसे में चार दिसंबर को रावी दरिया के किसी भी ब्लाक की न तो बोली लगेगी और न ही नीलामी होगी। बिलावर के भिनी दरिया के 19 विभिन्न ब्लाक में अगले पांच साल के लिए खनन की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है जबकि इससे पहले यह एक ही ब्लाक हुआ करता था। विभाग ने पिछले कई सालों से जिला के नदी और दरिया में होने वाले खनन को देखते हुए कई ब्लाक बफर स्टाक में भी रखे हैं यानि की एक बार फिर भराई होने तक अगले पांच साल के लिए इन ब्लाक में खनन नहीं किया जा रहा है। विभाग ने साफ किया है कि जिला के जिन 22 ब्लाक में खनन के लिए नीलामी होने जा रही है उनमें बोली हासिल करने वाले को विभिन्न विभागों से एनओसी और पर्यावरण क्लीयरेंस भी हासिल करनी होगी। विभाग द्वारा बिलावर के भिनी दरिया, तरनाह अपस्ट्रीम में डिंगा अंब पुल के नजदीक, सहार खड्ड अप और डाउनस्ट्रीम में खनन के लिए नीलामी करवाई जाएगी। निर्धारित नीलामी में अलग-अलग ब्लाक के लिए चालीस हजार से दो लाख तक की राशि कम से कम निर्धारित की गई है।
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रावी में नहीं होगा खनन
खनन विभाग के जिला अधिकारी राजिंद्र सिंह राणा ने बताया कि रावी दरिया में ग्राउंड वाटर पर सर्वे शुरू कर दिया गया है। इस संबंध में अधिकारियों को लिखा गया था जिसके बाद विशेषज्ञों की टीम बाकायदा रावी दरिया के आसपास के इलाकों में भू जल के स्तर का आंकलन करने में जुट गई है। उन्होंने बताया कि लगातार शिकायत मिल रही थी कि खनन के चलते भूजल के स्तर पर असर पड़ रहा है। इसी को देखते हुए रावी दरिया के किसी भी ब्लॉक में खनन के लिए निलामी नहीं करवाई जा रही है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि जहां भी तय मानदंडों से अधिक खनन या फिर भूजल स्तर पर असर पाया जाएगा वहां खनन नहीं करवाया जाएगा।
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जिला सचिवालय के बाहर किया प्रदर्शन
रावी दरिया में खनन के खिलाफ रोष जताते हुए लोगों ने जिला सचिवालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों में शामिल लोगाें ने आरोप लगाया कि रावी दरिया में तय मानदंडों से अधिक खनन किया जा रहा है जो क्षेत्र में भूजल स्तर को भी कम कर रहा है। उन्होंने कहा कि विभाग के अधिकारी चार दिसंबर को रावी का खनन करवाने जा रहे हैं जो उन्हें कतई बर्दाश्त नहीं है। यदि ऐसा हुआ तो लोग भूख हड़ताल को मजबूर हो जाएंगे। उन्होंने विभागीय अधिकारियों पर मिलीभगत का भी आरोप लगाया। ग्रामीणों ने कहा कि दिन में काम नहीं किया जाता और रात के समय खनन करवाया जा रहा है। लोगों ने आरोप लगाया है कि विभागीय निदेशक और जिला खनन अधिकारी बीते दिन भी मौके पर गए थे और रावी दरिया की निलामी की तैयारी करवाई जा रही है। वहीं जिला खनन अधिकारी ने साफ किया कि लोगों की शिकायत के आधार पर बीते दिन डीआईसी के अधिकारी के साथ मौके पर गए थे और कार्रवाई भी सुनिश्चित की थी। उन्होंने साफ किया कि किसी भी सूरत में नियमों से अधिक खनन नहीं करने दिया जाएगा।