{"_id":"5a19c8f84f1c1bb6678be012","slug":"191511639288-jammu-and-kashmir-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाले का गंदा पानी सड़क पर आने पर किया प्रदर्शन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाले का गंदा पानी सड़क पर आने पर किया प्रदर्शन
Updated Sun, 26 Nov 2017 01:18 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कठुआ।
हटली मोड़ इलाके में हाईवे की सर्विस लेन के साथ लगते नाले में ब्लाकेज को ठीक न करने के विरोध में सोमवार को स्थानीय लोगों का गुस्सा जिला प्रशासन के खिलाफ फूटा पड़ा। लोगों ने औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ भी नारेबाजी की और बार-बार बंद नाले में ही पानी छोड़ने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वह उग्र रुख अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला सचिव राजेश मेहता ने कहा कि औद्योगिक इकाई प्रबंधकों को इस बात पता है कि नाला ब्लाक है और उस कारण सारा पानी सड़क पर बहता है। इससे लोगों को परेशानी होती है। जानकारी के भी वह इसी नाले में पानी छोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी वह कई बार जिला प्रशासन ने नाले की सफाई के लिए कह चुके हैं लेकिन हर बार आश्वासन देकर ही बात टाल दी जाती है। उन्होंने कहा कि नाला ब्लाक है और इसी कारण जब भी औद्योगिक इकाइयों का गंदा पानी छोड़ा जाता है तो वह नाले से ओवरफ्लो होकर सड़क पर बहता है। इस कारण लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं चलते हैं और वह गंदा पानी ही नाले में डालते हैं, जिस कारण बीमारियों का भी खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पानी इतना विषैला होता है कि नाले पर से बाहर आने के बाद भी उससे भाप निकलती रहती है। यदि कोई मवेशी गलती से भी इस पानी को पी ले तो उसकी मौत हो जाए। लेकिन, औद्योगिक इकाइयों के प्रबंधकों को इसकी कोई परवाह नहीं है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को चाहिए कि नाले की मरम्मत की जाए, ताकि लोगों को इस प्रकार की समस्या के लिए उग्र रुख न अपनाना पड़े।
विज्ञापन
हटली मोड़ इलाके में हाईवे की सर्विस लेन के साथ लगते नाले में ब्लाकेज को ठीक न करने के विरोध में सोमवार को स्थानीय लोगों का गुस्सा जिला प्रशासन के खिलाफ फूटा पड़ा। लोगों ने औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ भी नारेबाजी की और बार-बार बंद नाले में ही पानी छोड़ने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि यदि जल्द ही समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वह उग्र रुख अपनाने के लिए मजबूर होंगे।
प्रदर्शनकारियों का नेतृत्व कर रहे भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिला सचिव राजेश मेहता ने कहा कि औद्योगिक इकाई प्रबंधकों को इस बात पता है कि नाला ब्लाक है और उस कारण सारा पानी सड़क पर बहता है। इससे लोगों को परेशानी होती है। जानकारी के भी वह इसी नाले में पानी छोड़ते हैं। उन्होंने कहा कि पहले भी वह कई बार जिला प्रशासन ने नाले की सफाई के लिए कह चुके हैं लेकिन हर बार आश्वासन देकर ही बात टाल दी जाती है। उन्होंने कहा कि नाला ब्लाक है और इसी कारण जब भी औद्योगिक इकाइयों का गंदा पानी छोड़ा जाता है तो वह नाले से ओवरफ्लो होकर सड़क पर बहता है। इस कारण लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक इकाइयों के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट नहीं चलते हैं और वह गंदा पानी ही नाले में डालते हैं, जिस कारण बीमारियों का भी खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि पानी इतना विषैला होता है कि नाले पर से बाहर आने के बाद भी उससे भाप निकलती रहती है। यदि कोई मवेशी गलती से भी इस पानी को पी ले तो उसकी मौत हो जाए। लेकिन, औद्योगिक इकाइयों के प्रबंधकों को इसकी कोई परवाह नहीं है। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को चाहिए कि नाले की मरम्मत की जाए, ताकि लोगों को इस प्रकार की समस्या के लिए उग्र रुख न अपनाना पड़े।
विज्ञापन