{"_id":"5a2844bc4f1c1b4e718b7ab1","slug":"151258860912-udhampur-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नगर परिषद ने किया एसआरटीसी का कांउटर सीज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नगर परिषद ने किया एसआरटीसी का कांउटर सीज
Updated Thu, 07 Dec 2017 12:57 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उधमपुर। करीब दस वर्ष से किराए का भुगतान न किए जाने पर बुधवार शाम को नगर परिषद की टीम ने एसआरटीसी के काउंटर को सीज करके कार्रवाई की। काउंटर का शटर न खुलने पर जेसीबी की मदद से शटर को तोड़ा गया।
शहर के गोल मार्केट इलाके में कई वर्ष पहले एसआरटीसी ने काउंटर स्थापित किया था, जहां से कभी एसआरटीसी की सिटी बसें रवाना हुआ करती थी और एसआरटीसी के कर्मचारी बसों की टिकटें बेचा करते थे। करीब 20 वर्ष पहले बसों ने गोल मार्केट से आवाजाही करना बंद कर दिया और सिटी बसें भी बंद हो गई। जिसके बाद काउंटर को बंद कर दिया गया। लेकिन एसआरटीसी ने कार्यालय को नहीं छोड़ा। दस वर्ष पहले एसआरटीसी ने काउंटर का किराया देना भी बंद कर दिया। कुछ दिन पहले जब नगर परिषद को इसकी सूचना मिली तो एसआरटीसी को किराया देने का नोटिस जारी किया गया, लेकिन किराया नहीं मिला। इसके बाद बुधवार को एक टीम मौके पर पहुंची और काउंटर को सीज करके अपने कब्जे में ले लिया। हालात खराब होने पर स्थिति को संभालने के लिए तहसीलदार व पुलिस की टीम भी साथ में मौजूद थी।
विज्ञापन
शहर के गोल मार्केट इलाके में कई वर्ष पहले एसआरटीसी ने काउंटर स्थापित किया था, जहां से कभी एसआरटीसी की सिटी बसें रवाना हुआ करती थी और एसआरटीसी के कर्मचारी बसों की टिकटें बेचा करते थे। करीब 20 वर्ष पहले बसों ने गोल मार्केट से आवाजाही करना बंद कर दिया और सिटी बसें भी बंद हो गई। जिसके बाद काउंटर को बंद कर दिया गया। लेकिन एसआरटीसी ने कार्यालय को नहीं छोड़ा। दस वर्ष पहले एसआरटीसी ने काउंटर का किराया देना भी बंद कर दिया। कुछ दिन पहले जब नगर परिषद को इसकी सूचना मिली तो एसआरटीसी को किराया देने का नोटिस जारी किया गया, लेकिन किराया नहीं मिला। इसके बाद बुधवार को एक टीम मौके पर पहुंची और काउंटर को सीज करके अपने कब्जे में ले लिया। हालात खराब होने पर स्थिति को संभालने के लिए तहसीलदार व पुलिस की टीम भी साथ में मौजूद थी।
विज्ञापन