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सर्दियों में खुले कमरों में पढ़ने को मजबूर
Updated Fri, 17 Nov 2017 01:50 AM IST
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उधमपुर। शिक्षा विभाग के सभी दावे खोखले साबित हो रहे हैं, क्योंकि यदि शहर के सरकारी स्कूलों की इमारतों में बने कमरों के शीशे व आसपास गंदगी हो तो उससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि शिक्षा विभाग कितना सतर्क है।
शहर के लगते विशाल क्षेत्र में पड़ते सरकारी मिडिल स्कूल बिशाल के कमरों की खिड़कियों के शीशे टूट चुके हैं। इसके साथ ही वहां स्कूल का गेट चौबीस घंटे खुला रहने व स्कूूल के आसपास उगी झाड़ियां के कारण अभिभावकों को स्कूल में पढ़ रहे बच्चों की चिंता सताती रहती है। स्थानीय लोगों शाम लाल, दीपक कुमार, छजु राम, अंजु ने बताया कि लगभग एक महीने पहले इस स्कूल में चोरों ने चोरी को अंजाम दिया था। चोर स्कूल से सिलेंडर उठा कर ले गए थे। जिसकी सूचना पुलिस को दी गई थी, लेकिन अभी तक चोरों का कुछ पता नहीं चला। इसके अलावा उन्होंने बताया कि स्कूूल का गेट चौबीस घंटे खुला रहता है। जिससे कोई भी किसी भी समय स्कूूल के अंदर आसानी से घुस सकता है। स्कूल में बने कमरों के शीशे टूट चुके हैं। स्कूल में लगभग 62 के करीब विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अब सर्दियों का मौसम आ रहा है। खिड़कियों के शीशे टूटे होने के कारण बच्चों का कमरों में बैठ कर पढ़ाई करना मुश्किल हो जाएगा। क्योंकि बारिश व ठंडी हवाओं के चलते उन्हें परेशानी हो सकती है। मौजूदा समय में भी बच्चे सर्दी के बीच पढ़ाई करने पर मजबूर हैं। स्कूल के भीतर पुरानी इमारत है जोकि मौजूदा समय में बदहाल स्थिति में पड़ी हुई है। जिसके आसपास बड़ी बड़ी झाड़ियां व गंदगी फैली हुई है। जिससे सांप आदि का डर सताता रहता है, लेकिन शिक्षा विभाग ने अभी तक इस पुरानी इमारत को दुरुस्त करने के लिए कुछ नहीं कर रहा है। स्कूूल में नई इमारत में मात्र पांच कमरे में हैं। जिनमें चार कमरों में छात्र शिक्षा ग्रहण करते हैं। लोगों ने उगी झाड़ियों को काटने, पुराने कमरों को ठीक कर उगी झाड़ियां को साफ करने की मांग की। इस संबंध में सीईओ जेआर भारद्वाज का कहना था कि जेडईओ को स्कूल में भेज कर स्थिति का जायजा लिया जाएगा। उसकी रिपोर्ट बना कर फंड का इस्तेमाल कर बदहाल कमरों व कमरों के टूटी खिड़कियों को लगवा दिया जाएगा।
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शहर के लगते विशाल क्षेत्र में पड़ते सरकारी मिडिल स्कूल बिशाल के कमरों की खिड़कियों के शीशे टूट चुके हैं। इसके साथ ही वहां स्कूल का गेट चौबीस घंटे खुला रहने व स्कूूल के आसपास उगी झाड़ियां के कारण अभिभावकों को स्कूल में पढ़ रहे बच्चों की चिंता सताती रहती है। स्थानीय लोगों शाम लाल, दीपक कुमार, छजु राम, अंजु ने बताया कि लगभग एक महीने पहले इस स्कूल में चोरों ने चोरी को अंजाम दिया था। चोर स्कूल से सिलेंडर उठा कर ले गए थे। जिसकी सूचना पुलिस को दी गई थी, लेकिन अभी तक चोरों का कुछ पता नहीं चला। इसके अलावा उन्होंने बताया कि स्कूूल का गेट चौबीस घंटे खुला रहता है। जिससे कोई भी किसी भी समय स्कूूल के अंदर आसानी से घुस सकता है। स्कूल में बने कमरों के शीशे टूट चुके हैं। स्कूल में लगभग 62 के करीब विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। अब सर्दियों का मौसम आ रहा है। खिड़कियों के शीशे टूटे होने के कारण बच्चों का कमरों में बैठ कर पढ़ाई करना मुश्किल हो जाएगा। क्योंकि बारिश व ठंडी हवाओं के चलते उन्हें परेशानी हो सकती है। मौजूदा समय में भी बच्चे सर्दी के बीच पढ़ाई करने पर मजबूर हैं। स्कूल के भीतर पुरानी इमारत है जोकि मौजूदा समय में बदहाल स्थिति में पड़ी हुई है। जिसके आसपास बड़ी बड़ी झाड़ियां व गंदगी फैली हुई है। जिससे सांप आदि का डर सताता रहता है, लेकिन शिक्षा विभाग ने अभी तक इस पुरानी इमारत को दुरुस्त करने के लिए कुछ नहीं कर रहा है। स्कूूल में नई इमारत में मात्र पांच कमरे में हैं। जिनमें चार कमरों में छात्र शिक्षा ग्रहण करते हैं। लोगों ने उगी झाड़ियों को काटने, पुराने कमरों को ठीक कर उगी झाड़ियां को साफ करने की मांग की। इस संबंध में सीईओ जेआर भारद्वाज का कहना था कि जेडईओ को स्कूल में भेज कर स्थिति का जायजा लिया जाएगा। उसकी रिपोर्ट बना कर फंड का इस्तेमाल कर बदहाल कमरों व कमरों के टूटी खिड़कियों को लगवा दिया जाएगा।
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