{"_id":"58db6f274f1c1bc96863e235","slug":"this-special-event-took-place-on-the-new-year-in-udaipur","type":"story","status":"publish","title_hn":"नीम—काली मिर्ची खिलाकर देते है बधाईयां","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नीम—काली मिर्ची खिलाकर देते है बधाईयां
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 29 Mar 2017 05:16 PM IST
विज्ञापन
उदयपुर में नव वर्ष
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उदयपुर में अखिल भारतीय नववर्ष समारोह समिति, नगर निगम उदयपुर व आलोक संस्थान की ओर से नव संवत्सर महोत्सव के अंतिम दिन चार हजार छात्र-छात्राओं ने ध्यानवेश पहनकर रैली निकाली। इसमें शहर के प्रमुख चौराहों पर सम्पूर्ण उदयपुरवासियों को नव सम्वत्सर की शुभकामनाएं नीम, मिश्री व काली मिर्च खिलाकर दी।
इस अवसर पर डॉ. प्रदीप कुमावत ने कहा कि 40 सालों से इस आन्दोलन ने अब सांस्कृतिक चेतना के केन्द्र के रूप में उदयपुर की पहचान बनाई है। इसके रंग देश के हर कोने में बिखरने लगे है, इसके लिए उदयपुर की जनता बधाई की पात्र है। इसके साथ शाम 7.30 बजे पालागणेशजी से दूधतलाई तक ‘चैती एकम् री सवारी’ निकाली गई। जो दूधतलाई पर जाकर मुख्य समारोह स्थल पर बजे पहुंची जहां विभिन्न कार्यक्रमों के साथ भव्य आतिशबाजी का आयोजन किया गया।
दूधतलाई पर नगर निगम द्वारा भव्य कोल्डफायर आतिशबाजी, भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर महापौर चन्द्रसिंह कोठारी, नववर्ष समारोह के सचिव डॉ. प्रदीप कुमावत, उप महापौर लोकेश द्विवेदी, प्रेमसिंह शक्तावत, कृष्णकान्त कुमावत, जगदीश मेनारिया, महेश त्रिवेदी, राजेश वैरागी, तेजेन्द्र सिंह रोबीन, सुशील जैन उपस्थित थे।
विज्ञापन
प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी दुधतलाई पर नगर निगम द्वारा विक्रमादित्य मेले का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें शहर के हजारों नागरिकों ने शिरकत की साथ ही विदेशी सैलानियों ने भी भारतीय नववर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित हुए रंग-बिरंगे एवं आतिशी माहौल का लुत्फ उठाया। बच्चों के मनोरंजन के लिए विशेष प्रकार की तैयारियां की गई। इस अवसर पर मेले का मुख्य आकर्षण भव्य आतिशबाजी का रहा जिसका लोगों ने बहुत आनन्द उठाया।
विज्ञापन
इस अवसर पर डॉ. प्रदीप कुमावत ने कहा कि 40 सालों से इस आन्दोलन ने अब सांस्कृतिक चेतना के केन्द्र के रूप में उदयपुर की पहचान बनाई है। इसके रंग देश के हर कोने में बिखरने लगे है, इसके लिए उदयपुर की जनता बधाई की पात्र है। इसके साथ शाम 7.30 बजे पालागणेशजी से दूधतलाई तक ‘चैती एकम् री सवारी’ निकाली गई। जो दूधतलाई पर जाकर मुख्य समारोह स्थल पर बजे पहुंची जहां विभिन्न कार्यक्रमों के साथ भव्य आतिशबाजी का आयोजन किया गया।
विज्ञापन
दूधतलाई पर नगर निगम द्वारा भव्य कोल्डफायर आतिशबाजी, भव्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर महापौर चन्द्रसिंह कोठारी, नववर्ष समारोह के सचिव डॉ. प्रदीप कुमावत, उप महापौर लोकेश द्विवेदी, प्रेमसिंह शक्तावत, कृष्णकान्त कुमावत, जगदीश मेनारिया, महेश त्रिवेदी, राजेश वैरागी, तेजेन्द्र सिंह रोबीन, सुशील जैन उपस्थित थे।
विज्ञापन
प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी दुधतलाई पर नगर निगम द्वारा विक्रमादित्य मेले का भव्य आयोजन हुआ, जिसमें शहर के हजारों नागरिकों ने शिरकत की साथ ही विदेशी सैलानियों ने भी भारतीय नववर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित हुए रंग-बिरंगे एवं आतिशी माहौल का लुत्फ उठाया। बच्चों के मनोरंजन के लिए विशेष प्रकार की तैयारियां की गई। इस अवसर पर मेले का मुख्य आकर्षण भव्य आतिशबाजी का रहा जिसका लोगों ने बहुत आनन्द उठाया।