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सीएम के खास इस काबीना मंत्री ने दिया था मृत्यु भोज, अब चलेगा मामला
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 23 Sep 2017 01:52 PM IST
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यूनुस खान
- फोटो : अमर उजाला
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प्रदेश सरकार के केबिनेट मिनिस्टर ने अपने पिता की मौत होने पर मृत्यु भोज का आयोजन किया था। ये मंत्री सीएम के भी बेहद खास बताए जाते हैं। मामले में इस मंत्री के खिलाफ एक संस्था ने परिवाद पेश किया था।
न्यायालय ने पिता के मृत्यु भोज के मामले में निगरानी याचिका पर राज्य के काबीना मंत्री यूनुस खान के खिलाफ प्रसंज्ञान यथावत रखा है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरज भारद्वाज की कोर्ट ने इस मामले में अन्य आठ आरोपियों को बरी कर दिया है।
मामला वर्ष 2005 का है, प्रकरण के अनुसार यूनुस खान के पिता ताजू खां का निधन होने पर गनेडी गांव में मृत्यु भोज का आयोजन किया गया था। इस मामले में पीयूसीएल संस्था के कैलाश मीना की ओर से लक्ष्मणगढ़ के न्यायालय में राजस्थान मृत्यु भोज निवारण अधिनियम के तहत परिवाद पेश किया गया था। इस पर 2008 में न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मंत्री यूनुस खान सहित दस जनों के खिलाफ प्रसंज्ञान लिया था। जिला एवं सत्र न्यायालय के यहां पर निगरानी याचिका लगाई गयी थी।
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न्यायालय ने पिता के मृत्यु भोज के मामले में निगरानी याचिका पर राज्य के काबीना मंत्री यूनुस खान के खिलाफ प्रसंज्ञान यथावत रखा है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरज भारद्वाज की कोर्ट ने इस मामले में अन्य आठ आरोपियों को बरी कर दिया है।
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मामला वर्ष 2005 का है, प्रकरण के अनुसार यूनुस खान के पिता ताजू खां का निधन होने पर गनेडी गांव में मृत्यु भोज का आयोजन किया गया था। इस मामले में पीयूसीएल संस्था के कैलाश मीना की ओर से लक्ष्मणगढ़ के न्यायालय में राजस्थान मृत्यु भोज निवारण अधिनियम के तहत परिवाद पेश किया गया था। इस पर 2008 में न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मंत्री यूनुस खान सहित दस जनों के खिलाफ प्रसंज्ञान लिया था। जिला एवं सत्र न्यायालय के यहां पर निगरानी याचिका लगाई गयी थी।
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इस दिन होगी सुनवाई
परिवादी के अधिवक्ता अनुराग माथुर ने बताया कि इस मामले में न्यायालय ने मंत्री यूनुस खान के खिलाफ प्रसंज्ञान आदेश को यथावत रखते हुए वक्फ बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष शोकत अंसारी, पूर्व विधायक भंवरलाल राजपुरोहित, तत्कालीन नागोर जिला कलक्टर आलोक गुप्ता, तत्कालीन सीकर जिला कलक्टर रामरख, तत्कालीन सीकर एसपी लक्ष्मीनारायण मीणा, तत्कालीन एएसपी सरवर खां के खिलाफ प्रसंज्ञान को खारिज कर दिया। अब 6 नवंबर 2017 को इस मामले में फिर से सुनवाई होगी।