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दिल्ली से नाइजीरियाई गैंग हाईप्रोफाइल लोगों से कर रही है साइबर ठगी, बीकानेर में हुआ खुलासा

Wed, 12 Apr 2017 07:39 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर  Updated Wed, 12 Apr 2017 07:39 PM IST
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The Nigerian gang, arrested in Bikaner, used to cheat cyber from hypophiles.
बीकानेर पुलिस - फोटो : Vishnu Sharma
बीकानेर पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह में नाइजीरिया की गैंग हाई प्रोफाइल लोगों का डाटा सोशल साइट तथा अन्य वेबसाइट से चुराकर भारत में अपने गुर्गों के जरिए उनसे अलग—अलग बहाने से ठगी कर रही है। पुलिस ने इस मामले में गुडगांव की एक महिला वकील समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अभी इस गिरोह के मुख्य कर्ताधर्ता पुलिस की गिरफ्त से दूर है।   
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बीकानेर निवासी नीतू शर्मा के साथ करीब सात महीने पहले हुई 56 लाख रुपए की साइबर ठगी की जांच के दौरान इस गैंग की जानकारी मिली और पुलिस ने तथ्य एवं सबूत जुटाकर चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 
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बीकानेर रेंज आईजी बिपिन कुमार पांडेय ने बताया कि इस मामले में जिला चतरा, झारखंड निवासी अजीत कुमार यादव, श्रवणसिंह सोढ़ा निवासी सिलोर समदड़ी जिला बाड़मेर हाल बालोतरा, विरेन्द्रनाथ उर्फ महाराज गोस्वामी उम्र 30 वर्ष निवासी पालड़ी नाथ की जोधपुर,  गिरोह की सह सरगना अनिता है, जो कि दिल्ली में वकील है और गुड़गांव की रहने वाली है को गिरफ्तार किया गया है। 
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करीब 56 लाख रुपए अपने बैंक अकाउंट में जमा करवा लिए

The Nigerian gang, arrested in Bikaner, used to cheat cyber from hypophiles.
demo pic - फोटो : अमर उजाला
आईजी बिपिन कुमार पांडेय बताया कि परिवादी नीतू ने पिछले साल नवंबर माह में सदर थाना, बीकानेर में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उन्होंने जीवनसाथी डॉट कॉम पर अपना प्रोफाइल डाला था। इसके बाद पारस प्रेमकुमार नाम के व्यक्ति ने नीतू से व्हाट्सअप पर संपर्क किया। पारस ने खुद को मूल रुप से भारतीय बताते हुए अमेरिकी एयरफोर्स में एयरक्राफ्ट इंजीनियर बताया। खुद को ईराक में तैनात होना बताकर भारत में बसने की ईच्छा जताई। इस दौरान पारस ने अपनी संपत्ति में से करीब ढाई मिलियन पौंड की संपत्ति नीतू को भेजने की बात कही। 

इसके लिए पारस ने एक डिप्लो​मेटिक पाउच सर्विसेज का हवाला देते हुए यह रकम ईरान एंबेंसी में कार्यरत जैम्स ​डेविड के जरिए भेजने की बात कही। इसके बाद फर्जी बने जैम्स ने नीतू से फोन पर संपर्क कर दिल्ली एयरपोर्ट पर आना बताया। जैम्स ने पाउच का 70 हजार रुपया किराया बताकर दो फर्जी बैंक अकाउंट में जमा करवाने को कहा तो नीतू ने रुपए जमा करवा दिए। इसके करीब दो माह तक​ गिरोह ने दो माह तक नीतू को फोन कॉल किए और कस्टम क्लियरेंस, पुलिस क्लियरेंस, इंकमटैक्स क्लियरेंस ​सर्टिफिकेट के नाम पर बहाने बनाकर नवंबर माह तक करीब 56 लाख रुपए अपने बैंक अकाउंट में जमा करवा लिए। ​इसके बाद भी रुपयों के लिए फोन आए तो नीतू को माजरा समझ आ गया और उसने बीकानेर एसपी डॉक्टर अमनदीप सिंह कपूर को जानकारी देकर रिपोर्ट दर्ज करवाई। 

खाते से निकाली गई रकम व गोल्ड की नाईजीरियन को तुरन्त डिलीवरी

The Nigerian gang, arrested in Bikaner, used to cheat cyber from hypophiles.
demo pic - फोटो : अमर उजाला
केस के अनुसंधान में थानाप्रभारी लक्ष्मण सिंह,सीआईयू प्रभारी नरेंद्र कुमार पूनियां, सबइंस्पेक्टर कन्हैयालाल और साइबर सेल को लगाया। करीब चार माह अनुसंधान के बाद साइबर ठगी में अंतराष्ट्रीय स्तर की नाईजीरियाई गैंग का हाथ होने का पता चला, जो दिल्ली में बैठकर साइबर ठगी की वारदात करती है।

यह नाइजीरियन गिरोह विभिन्न वेबसाइटों से डाटा इकट्ठा कर फेसबुक, ट्विटर व अन्य सोशल साइटों से व्यक्ति विशेष का प्रोफाइल खंगालता है। फिर उनके कैरेक्टर के अनुसार एसएमएस, ईमेल व व्हाट्सअप के जरिए संपर्क करता है। उनसे अलग अलग तरीकों से ठगी कर ​भारत में स्थित बैंकों में फर्जी तरीके से खुलवाए बैंक खातों में रुपए डलवा लेते है।

भारत में नाइजीरियाई होने से यह गिरोह खुद खाते नहीं खुलवा सकता है इसलिए स्थानीय लोगों की मदद से फर्जी आईडी प्रुफ बनवाकर विभिन्न बैंकों में कई खाते खुलवा रखे है। खाताधारक का दिल्ली में कैम्प रहता है तथा खाताधारक व नाईजीरियन के बीच भी एक कड़ी रहती है। बैंक में रुपया आते ही तुरन्त दूसरे कई सारे खातों में छोटी रकम के रुप में आरटीजीएस व एनईएफटी के माध्यम से ट्रांसफर कर छोटी रकम एटीएम तथा बड़ी रकम सेल्फ चैक से निकलवा ली जाती है। वहीं गोल्ड भी खरीदा जाता है।

खाते से निकाली गई रकम व गोल्ड की नाईजीरियन को तुरन्त डिलीवरी कर दी जाती है। इस पूरे काम के लिए खाता धारक तथा मध्यस्थ को 10 से 15 प्रतिशत तक का कमीशन दिया जाता है। बीकानेर में जो ठगी नीतू से हुई थी। उसमें बीकानेर, पटना, दिल्ली, गुवाहाटी, पुणे के बैंक खातों का प्रयोग किया गया था।

बीकानेर पुलिस द्वारा इस गिरोह के ऐसे कई बैंक खाते बंद करवा दिए

The Nigerian gang, arrested in Bikaner, used to cheat cyber from hypophiles.
fraud - फोटो : cyber fraud
बीकानेर में शिवराम एन्टप्राईजेज तथा अनिल कुमार मांझी के नाम से एक ही व्यक्ति द्वारा खाते खुलवाए गए थे। पटना में श्रीराम एन्टरप्राईजेज तथा अभय गुप्ता के नाम से खाते खुलवाए गए। दोनों जगह खातों में एक ही व्यक्ति की फोटो लगी हुई थी। इन दोनों जगह पर करीब 49,42,000 रूपये डलवाये गए थे। बीकानेर पुलिस ने इस गैंग के खाताधारक और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार किया। वहीं तथाकथित खाताधारक अनिल कुमार उर्फ अभय गुप्ता का वास्तविक नाम जिला चतरा (झारखण्ड) अजीत कुमार है।

एसपी अमनदीप कुमार ने बताया कि दिल्ली में ऐसे नाईजीरियन इस प्रकार की ठगी में लिप्त है जो स्टुडेंट वीजा पर भारत आकर यहां अवैध रूप से रहते है। ठगी से प्राप्त पैसों को नाईजीरियन तुरन्त हवाला से अफ्रीका में ट्रांसफर कर देते है। इन्हीं खातों का प्रयोग कर इस गैंग ने हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा में करीब 13 लाख रुपए व चण्डीगढ़ में करीब 11 लाख रूपए की ठगी की गई। बीकानेर पुलिस द्वारा इस गिरोह के ऐसे कई बैंक खाते बंद करवा दिए। जिनमें करीब करीब 35 से 40 लाख रूपए जमा हुए थे। 
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