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सूचना आयोग का बड़ा फैसला, RTI में जान सकते हैं सफल अभ्यर्थियों के मार्क्स
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 19 Nov 2017 03:09 PM IST
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राजस्थान सूचना आयोग ने प्रदेश में सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता लाने के लिए एक महत्वपूर्ण फैसले में व्यवस्था दी है। इसके अनुसार सूचना का अधिकार के तहत भर्ती परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों के प्राप्तांकों की सूचना तृतीय पक्षकारों की सूचना बताकर देने से इनकार नहीं किया जा सकता।
आयोग ने कहा कि इससे चयनित अभ्यर्थियों की निजता भंग नहीं होती, बल्कि भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता रखने के लिए अंतिम चयनित अभ्यर्थियों के प्राप्तांक स्वैच्छिक रूप से सार्वजनिक करने चाहिए।
आयोग ने राजस्थान लोक सेवा आयोग को निर्देश दिए हैं कि अभी प्रक्रियाधीन एवं भविष्य में आयोजित सभी परीक्षाओं में अंतिम चयनित अभ्यर्थियों की सूची राज्य सरकार को भेजने के साथ ही इन अभ्यर्थियों के लिखित एवं साक्षात्कार के अन्तिम प्राप्तांक आयोग की वेबसाइट पर सार्वजनिक करें। राजस्थान राज्य सूचना आयुक्त आशुतोष शर्मा ने गत दिनों जयपुर के अरुण जोशी की द्वितीय अपील पर यह महत्वपूर्ण आदेश दिया है।
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आयोग ने कहा कि इससे चयनित अभ्यर्थियों की निजता भंग नहीं होती, बल्कि भर्ती परीक्षा में पारदर्शिता रखने के लिए अंतिम चयनित अभ्यर्थियों के प्राप्तांक स्वैच्छिक रूप से सार्वजनिक करने चाहिए।
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आयोग ने राजस्थान लोक सेवा आयोग को निर्देश दिए हैं कि अभी प्रक्रियाधीन एवं भविष्य में आयोजित सभी परीक्षाओं में अंतिम चयनित अभ्यर्थियों की सूची राज्य सरकार को भेजने के साथ ही इन अभ्यर्थियों के लिखित एवं साक्षात्कार के अन्तिम प्राप्तांक आयोग की वेबसाइट पर सार्वजनिक करें। राजस्थान राज्य सूचना आयुक्त आशुतोष शर्मा ने गत दिनों जयपुर के अरुण जोशी की द्वितीय अपील पर यह महत्वपूर्ण आदेश दिया है।
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ये है पूरा मामला, जानिए
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मामले के अनुसार जोशी ने फरवरी 2016 में सहायक अभियंता भर्ती में चयनित अभ्यर्थियों के लिखित व साक्षात्कार के प्राप्तांकों की सूचना चाही थी। आरपीएससी ने यह कहते हुए सूचना देने से इनकार कर दिया कि यह सूचना तृतीय पक्षकारों की व्यक्तिगत सूचना है जिसे दिए जाने से अन्य अभ्यर्थियों की निजता भंग होगी।
आयोग ने अपने फैसले में आरपीएससी के इस तर्क को नहीं माना। आयोग ने कहा कि भर्ती में असफल अभ्यर्थियों को यह जानने का हक है कि अपने प्रतिस्पर्धियों से वे कहां पिछड़े। आयोग ने कहा कि सफल अभ्यर्थियों के प्राप्तांक सार्वजनिक होने से उनकी निजता भंग नहीं होगी, बल्कि यह सार्वजनिक विषय है न कि व्यक्तिगत। आयोग ने निर्देश दिए कि सरकारी भर्ती में नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों के प्राप्तांकों की सूचना पारदर्शिता और व्यापक जनहित में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सार्वजनिक की जानी चाहिए।
गौरतलब है कि आयोग के इस फैसले के बाद आरपीएससी को सभी सफल अभ्यर्थियों के लिखित और साक्षात्कार के प्राप्तांकों की सूचना सार्वजनिक करनी होगी, जिसे कोई भी व्यक्ति देखकर विश्लेषण कर सकेगा। इससे भर्तियों में पारदर्शिता आएगी।
आयोग ने अपने फैसले में आरपीएससी के इस तर्क को नहीं माना। आयोग ने कहा कि भर्ती में असफल अभ्यर्थियों को यह जानने का हक है कि अपने प्रतिस्पर्धियों से वे कहां पिछड़े। आयोग ने कहा कि सफल अभ्यर्थियों के प्राप्तांक सार्वजनिक होने से उनकी निजता भंग नहीं होगी, बल्कि यह सार्वजनिक विषय है न कि व्यक्तिगत। आयोग ने निर्देश दिए कि सरकारी भर्ती में नौकरी पाने वाले अभ्यर्थियों के प्राप्तांकों की सूचना पारदर्शिता और व्यापक जनहित में सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत सार्वजनिक की जानी चाहिए।
गौरतलब है कि आयोग के इस फैसले के बाद आरपीएससी को सभी सफल अभ्यर्थियों के लिखित और साक्षात्कार के प्राप्तांकों की सूचना सार्वजनिक करनी होगी, जिसे कोई भी व्यक्ति देखकर विश्लेषण कर सकेगा। इससे भर्तियों में पारदर्शिता आएगी।