Rajasthan: ERCP-अदाणी मुद्दे पर राठौड़ ने सरकार को घेरा, रघु शर्मा बोले- कटारिया की वैकेंसी पर इनकी नजर
राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने अदाणी को जमीन आवंटन और ईआरसीपी के मुद्दे पर प्रदेश की गहलोत सरकार को जमकर घेरा।
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राजस्थान विधानसभा में राजेंद्र राठौड़ बोले, ये हिंडनबर्ग वाले को मैं एक बात कहना चाहता हूं, भई और सब बात ठीक है, हाथी के दांत दिखाने के कुछ और खाने के कुछ हैं। कुछ भी करो पर ये जमीन लुटाना बंद करो। ये पूर्व राजस्व मंत्री (हरीश चौधरी) भी सदन में बैठे हैं, ये खड़े हो गए तो मुश्किल हो जाएगी। आपने (कांग्रेस सरकार ने) इस अडानी जी को जमीन दी 2019-20 में 900 बीघा फतेहपुर में, 2020-21 में 25 हजार बीघा, सिम्भाड़ा जैसलमेर में 2022 में 400 बीघा, करालिया जैसलमेर में 2022 में 38 हजार बीघा, मोहनगढ़ में 2022 में, फिर 13 हजार बीघा फतेहगढ़ में और 75 हजार बीघा जमीन अभी कैबिनेट में अप्रूवल में पड़ी है। 74 हजार बीघा मंत्री जी के पास में पड़ी है।
राजेंद्र राठौड़ ने सदन में कहा, मैं ERCP की बात जरूर करूंगा। रविवार को प्रधानमंत्री ने इंटर रिवर लिंक योजना में पार्वती-कालीसिंध-चंबल (पीकेसी) के ERCP के साथ एकीकरण करने के प्रस्ताव की सूचना दी। जो नदियों से नदियों को जोड़ने की विशेष समिति SCILR की 20वीं बैठक में पारित हुआ है। उन्होंने कहा, अब गेंद राजस्थान सरकार के पाले में है। इंटर लिंक योजना में केंद्र 90 फीसदी फंड देगा और राजस्थान सरकार का सिर्फ 10 फीसदी पैसा लगेगा। राठौड़ बोले, देश में पानी की ऐसी 16 राष्ट्रीय परियोजनाएं हैं, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत मुझे आज तक की एक योजना बता दें, जो 50 फीसदी वाटर डिपेंडिबिलिटी पर बनी हो, जब आप खुद शासन में थे तो योजना आयोग का 11 नवंबर 1975 का फैसला, योजना आयोग का 31 जुलाई 2002 का फैसला, जल संसाधन मंत्री कार्यालय का 21 सितंबर 2004 का फैसला, सभी में यह कहा गया कि 75 प्रतिशत से कम वाटर डिपेंडिबिलिटी पर यह योजना नहीं बननी चाहिए। मंत्री जी इस योजना को मैंने पढ़ा है। सभापति को संबोधित करते हुए राठौड़ आगे बोले, 13 जिलों में यह योजना जीवनदायिनी होगी, दो जिले जरूर हैं, धौलपुर में 72 हजार 500 और सवाई माधोपुर में एक लाख 39 हजार हेक्टेयर क्षेत्र इसमें हैं।
जबकि अलवर में इन्होंने (सरकार ने) भाषण दिया, मेरा आरोप है कि ईआरसीपी योजना को आज की हालत में ज्यों का त्यों लागू कर दिया तो अलवर में सिंचाई के लिए 9402, भरतपुर में 1165, दौसा में 534 हेक्टेयर पानी खुलेगा। आपके गांव और मोहल्ले से भी कम पानी मिलेगा। करौली में 4401, बूंदी में 200, जयपुर में 7738, टोंक में 37 हजार हेक्टेयर में पानी मिलेगा। राठौड़ बोले- इसका मतलब आप किसको ईआरसीपी के नाम पर गुमराह कर रहे हैं। क्या सब्जबाग दिखा रहे हैं?
राज्यपाल के अभिभाषण में कहा- 2051 में प्रोजेक्ट पूरा करेंगे, इससे बड़ा मजाक नहीं हो सकता...
राठौड़ बोले, इस योजना में ड्रिंकिंग वाटर का जो प्रोजेक्शन लिया गया है, जो प्रधानमंत्री ने अनाउंस किया, उस घोषणा में वो शामिल है, लेकिन ईआरसीपी के नाम पर राजनीति करना आप बंद कर दीजिए। आपने अभी राज्यपाल के अभिभाषण में कहा, 2051 में इस प्रोजेक्ट को पूरा करेंगे, इससे बड़ा मजाक कुछ हो नहीं सकता है।
पुजारी की दाह और दुराशीष लगेगी, इस सरकार को भस्म कर देगी...
राजेंद्र राठौड़ ने सभापति से कहा, आप मुझे बैठाना चाहते हैं पर आज राजस्थान की विधानसभा के बाहर एक अनोखा धरना हो रहा है। राजस्थान के मंदिरों के पुजारी, पंडित, धर्मगुरू प्रोटेक्शन बिल के लिए आ रहे हैं। राजस्थान में जिस तरह पुजारियों को जिन्दा धूं-धूं कर जलाया गया, राजस्थान का पुजारी उससे आहत है। वो पुजारी जिसने ईश्वर से सीधा सम्पर्क कर रखा है। उसकी दाह लगेगी, उसकी दुराशीष लगेगी, इस सरकार को भस्म कर देगी।
विधानसभा सदन में आसन पर विराजमान सभापति राजेंद्र पारीक ने राजेंद्र राठौड़ का समय खत्म होने पर टोकते हुए अगले विधायक बाबुलाल नागर का नाम पुकारा, तो राठौड़ बोले- सभापति महोदय मैं आपको नाराज नहीं देख सकता। आपने जो समय दिया और मेरी इनसे रक्षा की, वो पीछे बैठे हैं...ये मुझे घूरकर देखते हैं ना..तो मैं कांपने लग जाता हूं। आप नहीं होते न, तो मैं आज बोल नहीं सकता, मैं आपको धन्यवाद देना चाहता हूं।
कटारिया की वैकेंसी पर इनकी नजर, अदाणी जी के खिलाफ बोल रहे हैं, वैकेंसी कैसे फिल करोगे...
राठौड़ के इस कटाक्ष पर केकड़ी से आने वाले कांग्रेस विधायक और गुजरात के चुनाव प्रभारी रहे डॉ रघु शर्मा सीट पर खड़े हुए और कहा, सभापति महोदय एक प्रश्न मेरे मन में आ रहा है कि कटारिया साहब तो महामहिम बनकर जा ही रहे हैं, अब उस वैकेंसी पर इनकी नजर है। लेकिन ये भाषण में अदाणी जी के खिलाफ बोल रहे हैं। भागवत जी के खिलाफ बोल रहे हैं, वो वैकेंसी आप कैसे फिल करोगे।