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जांच एजेंसियों को नहीं मिल सकी बार्डर पार से आए हसन से कोई जानकारी
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 12 Oct 2017 12:28 PM IST
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हसन खां
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शिफ्टिंग सेंड ड्यूंस के जरिए भारतीय सीमा में दाखिल हुए हसन खान ने सुरक्षा एजेंसियों में खलबली मचा दी थी। लेकिन घुसपैठिए हसन खान से दो दिन की पूछताछ के बाद भी एजेंसियों के हाथ खाली हैं।
जानकारी के अनुसार हसन पर अवैध घुसपैठ के अतिरिक्त कोई और मामला नहीं बन रहा है। इसलिए उसे अब स्थानीय पुलिस के हवाले किया जा रहा है। दरअसल पाक बॉर्डर से लगते जैसलमेर में घुसपैठिया हसन खान छह माह से अवैध तरीके से रहा है।
हालांकि वह अपने आप को जैसलमेर का ही निवासी बताता है। जानकारी के अनुसार वह करीब तीन दशक पूर्व शिफ्टिंग सेंड ड्यूंस का फायदा उठाकर पाकिस्तान के अमलकोट चला गया था।
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जानकारी के अनुसार हसन पर अवैध घुसपैठ के अतिरिक्त कोई और मामला नहीं बन रहा है। इसलिए उसे अब स्थानीय पुलिस के हवाले किया जा रहा है। दरअसल पाक बॉर्डर से लगते जैसलमेर में घुसपैठिया हसन खान छह माह से अवैध तरीके से रहा है।
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हालांकि वह अपने आप को जैसलमेर का ही निवासी बताता है। जानकारी के अनुसार वह करीब तीन दशक पूर्व शिफ्टिंग सेंड ड्यूंस का फायदा उठाकर पाकिस्तान के अमलकोट चला गया था।
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मात्र पांच हजार रुपए में हो गई बार्डर पार करने की व्यवस्था
फाइल फोटो।
करीब छह माह पूर्व वह पाकिस्तान में सक्रिय अवैध रुप से बॉर्डर पार कराने वाले गिरोह को पांच हजार रुपए देकर और पुन: शिफ्टिंग सेंड ड्यूंस का फायदा उठाकर जैसलमेर के सम क्षेत्र पहुंच गया। इसके बाद हसन खान महाराष्ट्र व गुजरात भी होकर आया।
लेकिन कुछ दिन पूर्व जब वह पुन: सम पहुंचा तो पुलिस की इंटेलिजेंस विंग ने उसे गिरफ्तार कर लिया। दरअसल रातोंरात शिफ्ट होने वाले रेत के टीलों के कारण बॉर्डर की तारबंदी उनमें दब जाती है। जिसके कारण घुसपैठ आसान हो जाती है।
लेकिन कुछ दिन पूर्व जब वह पुन: सम पहुंचा तो पुलिस की इंटेलिजेंस विंग ने उसे गिरफ्तार कर लिया। दरअसल रातोंरात शिफ्ट होने वाले रेत के टीलों के कारण बॉर्डर की तारबंदी उनमें दब जाती है। जिसके कारण घुसपैठ आसान हो जाती है।