{"_id":"5981e2744f1c1b24088b4f6c","slug":"rejecting-ias-s-prayer-letter-summoned-from-jail-warrant","type":"story","status":"publish","title_hn":"राजेन्द्र मिर्धा अपहरण कांड: IAS का प्रार्थना पत्र खारिज, जमानती वारंट से तलब","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
राजेन्द्र मिर्धा अपहरण कांड: IAS का प्रार्थना पत्र खारिज, जमानती वारंट से तलब
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 02 Aug 2017 08:12 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जयपुर के अतिरिक्त सत्र न्यायालय क्रम-3 ने राजेन्द्र मिर्धा अपहरण कांड में पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने वाले आईएएस हनुमंतसिंह भाटी के प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है। साथ ही अदालत ने भाटी के जमानती वारंट जारी कर 8 अगस्त को पेश होने के आदेश दिए हैं। अदालत ने मुख्य सचिव को कहा है कि वे जमानती वारंट की तामील कराएं।
अदालत ने आईएएस भाटी का प्रार्थना पत्र खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने घटना के 22 साल बाद प्रार्थना पत्र पेश किया है। वर्ष 2002 और 2007 में पेश आरोप पत्र के समय उन्होंने कोई सवाल नहीं उठाया। इसके अलावा पुलिस को दिए बयानों में भी उनकी ओर से ऐसी कोई बात नहीं कही गई। अदालत ने कहा कि वे अभियोजन पक्ष के अंतिम गवाह हैं। अदालत की ओर से उन्हें वर्ष 2012 से गवाही के लिए बुलाया जा रहा है, लेकिन वे पेश नहीं हुए। इसके अलावा गायब हुए विस्फोटक को लेकर वैशालीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है।
गौरतलब है कि गवाह आईएएस हनुमंतसिंह भाटी ने अदालत में प्रार्थना पत्र पेश कर कहा था कि आतंकियों पर कार्रवाई करने में केवल उनकी ही भूमिका थी। पुलिस ने प्रकरण में झूठा श्रेय लेने के लिए सही तथ्यों के आधार पर आरोप पत्र पेश नहीं किया।
विज्ञापन
विज्ञापन
अदालत ने आईएएस भाटी का प्रार्थना पत्र खारिज करते हुए कहा कि उन्होंने घटना के 22 साल बाद प्रार्थना पत्र पेश किया है। वर्ष 2002 और 2007 में पेश आरोप पत्र के समय उन्होंने कोई सवाल नहीं उठाया। इसके अलावा पुलिस को दिए बयानों में भी उनकी ओर से ऐसी कोई बात नहीं कही गई। अदालत ने कहा कि वे अभियोजन पक्ष के अंतिम गवाह हैं। अदालत की ओर से उन्हें वर्ष 2012 से गवाही के लिए बुलाया जा रहा है, लेकिन वे पेश नहीं हुए। इसके अलावा गायब हुए विस्फोटक को लेकर वैशालीनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज की जा चुकी है।
विज्ञापन
गौरतलब है कि गवाह आईएएस हनुमंतसिंह भाटी ने अदालत में प्रार्थना पत्र पेश कर कहा था कि आतंकियों पर कार्रवाई करने में केवल उनकी ही भूमिका थी। पुलिस ने प्रकरण में झूठा श्रेय लेने के लिए सही तथ्यों के आधार पर आरोप पत्र पेश नहीं किया।
विज्ञापन