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RCA : नाहर का प्रार्थना पत्र खारिज, आदेश संशोधित करने से हाईकोर्ट का इंकार
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 28 Jul 2017 08:23 PM IST
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कोर्ट
- फोटो : Pintrest
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राजस्थान हाईकोर्ट ने आरसीए लोकपाल जस्टिस ज्ञानसुधा मिश्र और एथिक्स ऑफिसर जस्टिस पानाचंद जैन को यथावत काम करने के संबंध में दिए अपने आदेश को संशोधित करने से इंकार कर दिया है। इसके साथ ही अदालत ने इस संबंध में आरसीए के संयुक्त सचिव महेन्द्र नाहर की ओर से दायर प्रार्थना पत्र को खारिज कर दिया है।
न्यायाधीश जेके रांका की एकलपीठ ने यह आदेश रामपाल की ओर से दायर याचिका में महेन्द्र नाहर की ओर से पेश प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए दिए। प्रार्थना पत्र में कहा गया कि आरसीए कोषाध्यक्ष पिंकेश जैन ने अदालत में प्रार्थना पत्र पेश कर लोकपाल मिश्र और एथिक्स ऑफिसर जैन को काम करने से रोकने पर आपत्ति जताई थी। जिस पर अदालत ने गत 14 जुलाई को दोनों अधिकारियों को यथावत काम करने को कहा था। प्रार्थना पत्र में कहा गया कि पिंकेश जैन याचिका में पक्षकार नहीं था। ऐसे में उसकी ओर से प्रार्थना पत्र दायर नहीं किया जा सकता था। इसके अलावा जिस याचिका में प्रार्थना पत्र लगाया था, वह निस्तारित हो चुकी थी। ऐसे में अदालत को अपने 14 जुलाई के आदेश में संशोधन करना चाहिए।
जिसे अदालत ने खारिज करते हुए कहा कि यदि कोई आदेश से व्यथित है तो उसे विधिनुसार चुनौती दे सकता है।
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न्यायाधीश जेके रांका की एकलपीठ ने यह आदेश रामपाल की ओर से दायर याचिका में महेन्द्र नाहर की ओर से पेश प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए दिए। प्रार्थना पत्र में कहा गया कि आरसीए कोषाध्यक्ष पिंकेश जैन ने अदालत में प्रार्थना पत्र पेश कर लोकपाल मिश्र और एथिक्स ऑफिसर जैन को काम करने से रोकने पर आपत्ति जताई थी। जिस पर अदालत ने गत 14 जुलाई को दोनों अधिकारियों को यथावत काम करने को कहा था। प्रार्थना पत्र में कहा गया कि पिंकेश जैन याचिका में पक्षकार नहीं था। ऐसे में उसकी ओर से प्रार्थना पत्र दायर नहीं किया जा सकता था। इसके अलावा जिस याचिका में प्रार्थना पत्र लगाया था, वह निस्तारित हो चुकी थी। ऐसे में अदालत को अपने 14 जुलाई के आदेश में संशोधन करना चाहिए।
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जिसे अदालत ने खारिज करते हुए कहा कि यदि कोई आदेश से व्यथित है तो उसे विधिनुसार चुनौती दे सकता है।