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आरएएस भर्ती 2016 : चयन प्रक्रिया निरस्त, प्री-एग्जाम का रिजल्ट दोबारा घोषित होगा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 26 Aug 2017 06:57 PM IST
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राजस्थान हाईकोर्ट ने आरएएस भर्ती-2016 में एसबीसी वर्ग को आरक्षण देने पर चयन प्रक्रिया को रद्द कर दिया है। अदालत ने भर्ती की प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में संशोधन कर नए सिरे से चयन प्रक्रिया आरंभ करने के आदेश दिए हैं।
इसके साथ ही आरपीएससी की कार्यप्रणाली को न्यायालय की अवमानना मानते हुए आयोग के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई अमल में लाने के लिए हाईकोर्ट प्रशासन को निर्देश दिए हैं।
न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश निधि शेखर शर्मा व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता शोभित तिवाड़ी ने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट ने गत वर्ष 9 दिसंबर को एसबीसी आरक्षण अधिनियम 2015 को रद्द कर दिया था। वहीं राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गत 3 फरवरी को आदेश जारी कर एसबीसी अधिनियम के आधार पर दी गई नियुक्तियों पर यथा-स्थिति के आदेश देते हुए नई भर्ती में एसबीसी आरक्षण का लाभ नहीं देने के आदेश दिए थे। इस पर याचिकाकर्ता की ओर से गत 21 मार्च को याचिका दायर कर कहा गया कि आरपीएससी ने आरएएस भर्ती-2016 की प्रारंभिक परीक्षा के 15 सितंबर 2016 और 1 दिसंबर 2016 को जारी परिणाम में एसबीसी के लिए अलग कट ऑफ जारी की।
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इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने गत 9 मई को आदेश जारी कर विभिन्न सेवाओं के चयनित एसबीसी के 1252 अभ्यर्थियों को तदर्थ नियुक्ति देने के आदेश देते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार विज्ञापित पदों व भविष्य में होने वाली भर्तियों में एसबीसी आरक्षण का लाभ नहीं देगी।
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इसके साथ ही आरपीएससी की कार्यप्रणाली को न्यायालय की अवमानना मानते हुए आयोग के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई अमल में लाने के लिए हाईकोर्ट प्रशासन को निर्देश दिए हैं।
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न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश निधि शेखर शर्मा व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता शोभित तिवाड़ी ने अदालत को बताया कि हाईकोर्ट ने गत वर्ष 9 दिसंबर को एसबीसी आरक्षण अधिनियम 2015 को रद्द कर दिया था। वहीं राज्य सरकार की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने गत 3 फरवरी को आदेश जारी कर एसबीसी अधिनियम के आधार पर दी गई नियुक्तियों पर यथा-स्थिति के आदेश देते हुए नई भर्ती में एसबीसी आरक्षण का लाभ नहीं देने के आदेश दिए थे। इस पर याचिकाकर्ता की ओर से गत 21 मार्च को याचिका दायर कर कहा गया कि आरपीएससी ने आरएएस भर्ती-2016 की प्रारंभिक परीक्षा के 15 सितंबर 2016 और 1 दिसंबर 2016 को जारी परिणाम में एसबीसी के लिए अलग कट ऑफ जारी की।
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इसी बीच सुप्रीम कोर्ट ने गत 9 मई को आदेश जारी कर विभिन्न सेवाओं के चयनित एसबीसी के 1252 अभ्यर्थियों को तदर्थ नियुक्ति देने के आदेश देते हुए स्पष्ट किया कि राज्य सरकार विज्ञापित पदों व भविष्य में होने वाली भर्तियों में एसबीसी आरक्षण का लाभ नहीं देगी।
पात्र अभ्यर्थियों के चयन पर संदेह
court
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया कि हाईकोर्ट का आदेश आने के बाद आयोग को प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम में संशोधन करना चाहिए था। आयोग ने इस परीक्षा में संशोधन नहीं किया और मुख्य परीक्षा के परिणाम में संशोधन कर दिया। ऐसे में पात्र अभ्यर्थियों के चयन पर संदेह पैदा हो गया है। एसबीसी वर्ग को दिए गए पदों को सामान्य वर्ग में जोड़कर सामान्य वर्ग के 15 गुणा अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा में बुलाया जाना चाहिए था। याचिका में कहा गया कि प्रारंभिक परीक्षा के परिणाम को रद्द कर नए सिरे से चयन प्रक्रिया आरंभ की जाए।
जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने चयन प्रक्रिया रद्द करते हुए प्रारंभिक परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी करने के आदेश देते हुए आरपीएससी के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई आरंभ करने को कहा है।
जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने चयन प्रक्रिया रद्द करते हुए प्रारंभिक परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी करने के आदेश देते हुए आरपीएससी के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई आरंभ करने को कहा है।