{"_id":"5a30daf84f1c1bc5668b4a82","slug":"rajasthan-pali-eight-children-tortured-by-police","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"टीचर के शक और पुलिस की हैवानियत के कारण आठ मासूमों की जान पर बनी...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
टीचर के शक और पुलिस की हैवानियत के कारण आठ मासूमों की जान पर बनी...
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 13 Dec 2017 01:44 PM IST
विज्ञापन
फाइल फोटो।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
निर्दोष व्यक्तियों के साथ पुलिस की बर्बरता की तस्वीरें आम हैं। लेकिन मासूम बच्चों के साथ अपराधियों जैसा सलूक करना पुलिस का नया ही चेहरा पेश कर रहा है।
विज्ञापन
घटना राजस्थान के पाली जिले के आनंदनगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित सरकारी स्कूल है। यहां के आठवीं क्लास में पढ़ने वाले आठ बच्चों को पुलिसवालों ने जमकर मारपीट की है। दरअसल इस स्कूल की एक टीचर ने पुलिस में शिकायत दी थी कि स्कूल से उसका पर्स और मोबाइल फोन चोरी हो गया है। इस मामले में पुलिस ने आठवीं क्लास के आठ बच्चों को पकड़कर उन्हें टॉर्चर किया।
विज्ञापन
पुलिस की करतूत से बच्चे सहमें हुए हैं और पीड़ित बच्चों के परिजनों का कहना है कि बच्चों के साथ मारपीट इतनी अधिक की गई है कि वे डिप्रेशन में हैं।
विज्ञापन
बच्चों ने लगाया पुलिस पर ये आरोप
crime scene
बच्चों का आरोप है कि पुलिसवाले जबरन उनसे गुनाह कबूल करवाना चाहते थे। इस कारण उन्होंने टॉर्चर किया और टॉर्चर के दौरान जबरन चोरी स्वीकार करवाने के लिए धमकाया भी है।
घटना की जानकारी जब जिला पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव को मिली तो उन्होंने आनन-फानन में सब इंस्पेक्टर नरेन्द्र अमरावत और कांस्टेबल विजय को लाइन हाजिर कर दिया। हालांकि घटना के बाद स्थानीय लोगों में काफी रोष है।
घटना की जानकारी जब जिला पुलिस अधीक्षक दीपक भार्गव को मिली तो उन्होंने आनन-फानन में सब इंस्पेक्टर नरेन्द्र अमरावत और कांस्टेबल विजय को लाइन हाजिर कर दिया। हालांकि घटना के बाद स्थानीय लोगों में काफी रोष है।