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एसएमएस से ट्रोमा सेंटर के लिए अंडरपास निर्माण की राह खुली
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 11 Dec 2017 07:47 PM IST
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एसएमएस अस्पताल
- फोटो : अमर उजाला
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राजस्थान हाईकोर्ट ने एसएमएस अस्पताल के मुख्य भवन को ट्रोमा सेंटर से जोडने के लिए बनाए जा रहे अंडरपास पर लगाई गई यथा-स्थिति को वापस ले लिया है। इसके साथ ही अदालत ने जेडीए को निर्माण चालू करने की छूट दी है।
न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश मंदिर ठाकुर श्रीरामचन्द्रजी की ओर से दायर याचिका में जेडीए की ओर से पेश प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए दिए।
जेडीए की ओर से प्रार्थना पत्र पेश कर कहा गया कि जन कल्याण के लिए एसएमएस अस्पताल के मुख्य भवन को ट्रोमा सेंटर से जोडऩे के लिए अंडरपास का निर्माण किया जा रहा है। अंडरपास का निर्माण सरकारी जमीन पर ही किया जा रहा है। ऐसे में गत 31 अगस्त को प्रकरण में दिए गए यथास्थिति आदेश को वापस लिया जाए।
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न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश मंदिर ठाकुर श्रीरामचन्द्रजी की ओर से दायर याचिका में जेडीए की ओर से पेश प्रार्थना पत्र पर सुनवाई करते हुए दिए।
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जेडीए की ओर से प्रार्थना पत्र पेश कर कहा गया कि जन कल्याण के लिए एसएमएस अस्पताल के मुख्य भवन को ट्रोमा सेंटर से जोडऩे के लिए अंडरपास का निर्माण किया जा रहा है। अंडरपास का निर्माण सरकारी जमीन पर ही किया जा रहा है। ऐसे में गत 31 अगस्त को प्रकरण में दिए गए यथास्थिति आदेश को वापस लिया जाए।
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यह था पूरा मामला
अदालत।
- फोटो : amar ujala
मामले के अनुसार याचिकाकर्ता की ओर से याचिका दायर कर कहा गया कि 1899 में तत्कालीन जयपुर स्टेट ने मंदिर को एक बीघा जमीन आवंटित की थी। वहीं 1934 में एसएमएस अस्पताल के निर्माण के दौरान जमीन का बड़ा हिस्सा अस्पताल के लिए ले लिया गया। तत्कालीन स्टेट कौंसिल ने इसके बदले जमीन या मुआवजा देने के आदेश दिए, लेकिन आज तक न तो जमीन दी गई और ना ही कोई मुआवजा मिला। वहीं मंदिर की भूमि पर पुलिस चौकी भी बना दी गई।
याचिका में कहा गया कि अब अस्पताल प्रशासन मंदिर की जमीन पर बनी पुलिस चौकी को हटाकर यहां से ट्रोमा सेंटर तक अंडरपास बनाना चाहता है। इसलिए यहां से बीसलपुर लाईन को भी शिफ्ट जा रहा है। याचिका में गुहार की गई है कि अंडरपास को अस्पताल की जमीन में से ही निकालने के आदेश दिए जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने गत 31 अगस्त को प्रकरण में यथा स्थिति के आदेश देते हुए राज्य सरकार, जेडीए और अस्पताल प्रशासन से जवाब तलब किया था।
याचिका में कहा गया कि अब अस्पताल प्रशासन मंदिर की जमीन पर बनी पुलिस चौकी को हटाकर यहां से ट्रोमा सेंटर तक अंडरपास बनाना चाहता है। इसलिए यहां से बीसलपुर लाईन को भी शिफ्ट जा रहा है। याचिका में गुहार की गई है कि अंडरपास को अस्पताल की जमीन में से ही निकालने के आदेश दिए जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए अदालत ने गत 31 अगस्त को प्रकरण में यथा स्थिति के आदेश देते हुए राज्य सरकार, जेडीए और अस्पताल प्रशासन से जवाब तलब किया था।