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हरियाणा की बेटी को राजस्थान में मिलेगा ये फायदा
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Tue, 04 Apr 2017 07:30 PM IST
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supreme court
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राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिए हैं कि वह हरियाणा में जन्मी याचिकाकर्ता को ओबीसी वर्ग का लाभ देते हुए प्री-प्राइमरी शिक्षक भर्ती-2013 में नियुक्ति दें।
न्यायाधीश केएस अहलुवालिया की एकलपीठ ने यह आदेश मनीता यादव की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। इसमें कहा गया कि याचिकाकर्ता का जन्म हरियाणा में हुआ था। वहीं उसका विवाह राजस्थान में हुआ। दोनों ही स्थानों पर वह ओबीसी श्रेणी में आती है। प्री-प्राइमरी शिक्षक भर्ती-2013 के ओबीसी वर्ग की मेरिट में आने के बावजूद उसे राज्य सरकार हरियाणा का निवासी होने के आधार पर ओबीसी वर्ग का लाभ नहीं दी रही है। इसका विरोध करते हुए एएजी धर्मवीर ठोलिया ने कहा कि ओबीसी का लाभ जातिगत होता है। सरकार का प्रावधान है कि दूसरे प्रदेश के अभ्यर्थियों को प्रदेश की नौकरियों में आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को ओबीसी का लाभ देते हुए नियुक्ति देने के आदेश दिए हैं।
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न्यायाधीश केएस अहलुवालिया की एकलपीठ ने यह आदेश मनीता यादव की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। इसमें कहा गया कि याचिकाकर्ता का जन्म हरियाणा में हुआ था। वहीं उसका विवाह राजस्थान में हुआ। दोनों ही स्थानों पर वह ओबीसी श्रेणी में आती है। प्री-प्राइमरी शिक्षक भर्ती-2013 के ओबीसी वर्ग की मेरिट में आने के बावजूद उसे राज्य सरकार हरियाणा का निवासी होने के आधार पर ओबीसी वर्ग का लाभ नहीं दी रही है। इसका विरोध करते हुए एएजी धर्मवीर ठोलिया ने कहा कि ओबीसी का लाभ जातिगत होता है। सरकार का प्रावधान है कि दूसरे प्रदेश के अभ्यर्थियों को प्रदेश की नौकरियों में आरक्षण का लाभ नहीं दिया जाए। दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को ओबीसी का लाभ देते हुए नियुक्ति देने के आदेश दिए हैं।
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