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पीसीपीएमटी प्रवेश की सीबीआई जांच के आदेश
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Fri, 09 Feb 2018 09:53 PM IST
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- फोटो : demo
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प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में प्रवेश परीक्षा (पीसीपीएमटी) 2015-16 में अनियमितता को लेकर मिली शिकायतों की सीबीआई जांच होगी। राजस्थान हाईकोर्ट ने इस संबंध में आदेश दिए हैं।
इसके साथ ही अदालत ने एमसीआई को कहा है कि वह छह माह में संबंधित निजी मेडिकल कॉलेजों की संबंद्धता समाप्त करने के संबंध में निर्णय ले। न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश विवेक बुगालिया और रविकुमार सहित अन्य की ओर से दायर याचिकाओं का निस्तारण करते हुए दिए। अदालत ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एमसीआई को जानकारी होने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। यदि एमसीआई कार्रवाई करता तो प्रकरण को हाईकोर्ट आने की नौबत ही नहीं आती।
याचिका में अधिवत्ता केएस शर्मा ने बताया कि याचिकाकर्ता ने पीसीपीएमटी में भाग लिया था। याचिका में कहा गया कि फैडरेशन ऑफ प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की ओर से आयोजित काउंसलिंग में भाग नहीं लेने वालों की भी उपस्थिति दिखा दी। इसके अलावा आठ सौ में से चालीस अंक लाने वाले अभ्यर्थियों को भी प्रवेश दे दिया गया। जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ये आदेश दिए।
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इसके साथ ही अदालत ने एमसीआई को कहा है कि वह छह माह में संबंधित निजी मेडिकल कॉलेजों की संबंद्धता समाप्त करने के संबंध में निर्णय ले। न्यायाधीश मनीष भंडारी की एकलपीठ ने यह आदेश विवेक बुगालिया और रविकुमार सहित अन्य की ओर से दायर याचिकाओं का निस्तारण करते हुए दिए। अदालत ने कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि एमसीआई को जानकारी होने पर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। यदि एमसीआई कार्रवाई करता तो प्रकरण को हाईकोर्ट आने की नौबत ही नहीं आती।
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याचिका में अधिवत्ता केएस शर्मा ने बताया कि याचिकाकर्ता ने पीसीपीएमटी में भाग लिया था। याचिका में कहा गया कि फैडरेशन ऑफ प्राइवेट मेडिकल कॉलेज की ओर से आयोजित काउंसलिंग में भाग नहीं लेने वालों की भी उपस्थिति दिखा दी। इसके अलावा आठ सौ में से चालीस अंक लाने वाले अभ्यर्थियों को भी प्रवेश दे दिया गया। जिस पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने ये आदेश दिए।
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