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विवादित बिल: हाईकोर्ट ने कहा - कैसा बेतुका कानून बना रहे हैं

Tue, 31 Oct 2017 10:29 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Tue, 31 Oct 2017 10:29 AM IST
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Rajasthan high court issue notice to state government about controversial bill
फाइल फोटो।
लोकसेवकों को बचाने वाले 'दंड विधियां (राजस्थान संशोधन) अध्यादेश, 2017' को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने तल्ख टिप्पणी की है।
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अध्यादेश के विरुद्ध दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा है कि कैसा बेतुका कानून बना रहे हैं, जिसमें दिमाग लगाने की जरुरत ही नहीं है। दरअसल राजस्थान सरकार की ओर से हाल ही में लोकसेवकों को बचाने वाला एक विवादित बिल पेश किया गया है। जिसको लेकर सरकार को देशभर में आलोचानाओं का सामना करना पड़ रहा है।

हालांकि बढ़ते दबाव के बाद सरकार ने इस बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेज दिया है। इस याचिका की सुनवाई में कोर्ट ने अध्यादेश को लेकर राजस्थान सरकार से सात नवंबर तक जवाब मांगा है।
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सरकार की मुश्किलें बढ़ीं

Rajasthan high court issue notice to state government about controversial bill
वसुंधरा राजे
वहीं इससे पूर्व न्यायधीश गोविंद माथुर व न्यायधीश विनीत माथुर की खंडपीठ ने मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा ​कि मौजूदा काननू में इस्तगासा दायर करने के बाद न्यायधीश ​दिमाग लगाकर एफआईआर दर्ज करने या नहीं करने के आदेश देता है, जबकि नए कानून में यदि सरकार छह माह तक अभियोजन स्वीकृति नहीं देती है, अपने आप मुकदमा दर्ज हो जाएगा यह कैसा बेतुका कानून है।

खंडपीठ ने एएजी राजेश पंवार के माध्यम से सरकार के नाम से नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा है। 
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