फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   rajasthan-farmers-irrigating-corps-in-winter-nights-at-rajasthan

Rajasthan: राजस्थान में लाखों किसान सर्दी की रात में सिंचाई को मजबूर, कृषि बिजली कंपनी की बजट घोषणा अधूरी

Fri, 06 Jan 2023 07:15 PM IST
नीरज शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, जयपुर Published by: नीरज शर्मा Updated Fri, 06 Jan 2023 07:15 PM IST
सार

राजस्थान में रबी के फसली सीजन में किसान भीषण शीतलहर और कड़कड़ाती सर्दी में रात में खेतों में सिंचाई करने को मजबूर है। गहलोत सरकार 2021-22 बजट की अलग कृषि बिजली कंपनी बनाने घोषणा भी आज तक पूरी नहीं कर सकी है।
 

विज्ञापन
rajasthan-farmers-irrigating-corps-in-winter-nights-at-rajasthan
रात में खेतों की सिंचाई को मजबूर राजस्थान के किसान। - फोटो : फाइल फोटो।

विस्तार

राजस्थान में शीतलहर का प्रकोप है। हेल्थ एक्सपर्ट्स का कहना है कि बुजुर्गों और बच्चों पर फ्रॉस्ट बाइट का असर पड़ सकता है। लेकिन राजस्थान सरकार की बिजली डिस्कॉम कंपनियां किसानों को भरी सर्दी में रात के दो ब्लॉक में सिंचाई के लिए बिजली दे रही हैं। अन्न दाता को ठंड में खेतों में पानी छोड़ने जाना पड़ रहा है। अलग कृषि बनाने की सीएम गहलोत की 2021-22 की बजट घोषणा और सभी 33 जिलों में किसानों को दिन में बिजली देने, थ्री फेज बिजली उपलब्धता के वादे भी अधूरे हैं। अब चुनावी साल का आखिरी बजट मुख्यमंत्री पेश करने जा रहे हैं। लेकिन सवाल खड़े हो रहे हैं, पिछली बजट घोषणा कब पूरी होगी ?
विज्ञापन


15 लाख कृषि कनेक्शन हैं

राजस्थान में 15 लाख के करीब कृषि बिजली कनेक्शन हैं। जिनकी संख्या लगातार बढ़ रही है।  प्रदेश की इकोनॉमी में कृषि क्षेत्र का योगदान- 25.56 प्रतिशत। राजस्थान डिस्कॉम किसानों को मौजूदा रबी के फसली सीजन में कुल 4 ब्लॉक में 6-6 घंटे बिजली दे रहा है। इनमें से 2 ब्लॉक रात के हैं। रात 10 बजे से सुबह 5 बजे जब पीक ठंड का वक्त रहता है और तापमान न्यूनतम हो जाता है, ऐसे वक्त में किसान खेतों में पानी देने को मजबूर हो रहे हैं। जिसके तहत रात 10 से सुबह 4 बजे और रात 11 से सुबह 5 बजे तक के अलग-अलग ब्लॉक में किसान सिंचाई करने खेत जा रहे हैं। 
विज्ञापन


रात में सिंचाई के ये नुकसान

किसान को रात में खेत में सर्दी में पानी देने जाना पड़ता है। जिससे कई हादसे हो जाते हैं। कोल्ड स्ट्रोक या फ्रॉस्ट बाइट होने, सर्दी में हार्ट अटैक के ज्यादा केस सामने आने से कई किसानों की खेतों में ही मौत तक हो जाती है। शीतलहर, सांप डसने, बिच्छु और जहरीले कीड़े के डंक लगने, जंगली जानवरों के हमले की घटनाएं किसानों के साथ हो जाती हैं। सर्दी लगने से निमोनिया, बुखार, सर्दी-जुकाम, खांसी और दम फूलने तक के केस सामने आते हैं। रातभर जागने से भी स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


4 में से 2 ब्लॉक में रात में किसानों को बिजली सप्लाई 

जयपुर डिस्कॉम
सुबह 9 से दोपहर 3 बजे तक पहला ब्लॉक
सुबह 10.30 से शाम 4.30 बजे तक दूसरा ब्लॉक
रात 10 से सुबह 4 बजे तक तीसरा ब्लॉक
रात 11 से सुबह 5 बजे तक चौथा ब्लॉक

अजमेर डिस्कॉम
सुबह 9.15 से दोपहर 3.15 बजे तक पहला ब्लॉक
सुबह 10.45 से शाम 4.45 बजे तक दूसरा ब्लॉक
रात 10 से सुबह 4 बजे तक तीसरा ब्लॉक
रात 11 से सुबह 5 बजे तक चौथा ब्लॉक

जोधपुर डिस्कॉम

सुबह 9.30 बजे से दोपहर 3.30 बजे तक पहला ब्लॉक
सुबह 11 बजे से शाम 5 बजे तक दूसरा ब्लॉक
रात 10 से सुबह 4 बजे तक तीसरा ब्लॉक
रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक चौथा ब्लॉक
राजस्थान में बिजली की कमी मुख्य कारण

बिजली संकट से निपटने के लिए अपनाया फॉर्म्यूला

राजस्थान में बिजली का भारी संकट है। जिससे निपटने और किसानों को बिजली देने के लिए राजस्थान डिस्कॉम ने यह फॉर्म्यूला अपना रखा है। तीनों बिजली कंपनियां- जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, अजमेर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड और जोधपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड पूरे प्रदेश में बिजली सप्लाई करती हैं। प्रदेश में बिजली की पीक डिमांड 15 हजार मेगावाट से ऊपर चल रही है। जबकि उपलब्धता 12500 मेगावट तक ही है। रबी सीजन में पहले से 4500 मेगावाट तक बिजली डिमांड बढ़ी है। इसलिए रात में बिजली की डिमांड घटने पर किसानों को बिजली दी जाती है। दिन में भी दो ब्लॉक में कृषि के लिए बिजली दी जा रही है। 

33 जिलों में किसानों को दिन में बिजली और कृषि बिजली कंपनी की घोषणा अधूरी

प्रदेश के सभी 33 जिलों में किसानों को दिन में बिजली देने की गहलोत सरकार की घोषणा पूरी नहीं हो पा रही है।  कांग्रेस सरकार साल 2021-22 की अपनी वह बजट घोषणा भी पूरी नहीं कर सकी है, जिसमें कृषि के लिए अलग से बिजली कंपनी बनाने की घोषणा विधानसभा सदन में सीएम ने की थी। कृषि बिजली कंपनी बनती, तो किसानों की बिजली का अलग से मैनेजमेंट भी हो पाता। लेकिन घोषणा के बाद दो वित्तीय वर्ष निकलने वाले हैं। अब मौजूदा कार्यकाल के आखिरी चुनावी बजट सत्र भी 26 जनवरी से शुरू होने जा रहा है। लेकिन कृषि बिजली कंपनी ठंडे बस्ते में चली गई है।

प्रदेश में किसानों को थ्री फेज बिजली देना बना चुनौती

साल 2021 में सीएम गहलोत ने किसानों को दिन में थ्री फेज बिजली उपलब्ध करवाने का फैसला किया था। बजट में घोषणा की थी,कि 1 अप्रैल 2023 तक तीन चरणों में राज्य के सभी जिलों में दिन में थ्री फेज बिजली उपलब्ध कराई जाएगी। 2023 आ चुका है। सभी जिलों में किसानों को पूरी तरह दिन में बिजली देना अभी चुनौती बना हुआ है।

नई कृषि बिजली डिस्ट्रिब्यूशन कम्पनी क्यों नहीं बन सकी ?

बजट 2021-22 में सीएम अशोक गहलोत ने खेती के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्धता, बिजली की खरीद में पारदर्शिता और वित्तीय प्रबंधन के लिए नई कृषि बिजली वितरण कंपनी बनाने की घोषणा की थी। लेकिन अब 2023-24 का आखिरी बजट बजट गहलोत पेश करने जा रहे हैं। दो साल पहले की घोषणा पूरी नहीं की है।

एग्रीकॉम कंपनी का प्रपोजल फाइलों में दबा

बजट घोषणा के बाद एग्रीकॉम नाम की एक कृषि बिजली वितरण कंपनी का प्रपोजल जरूर तैयार किया गया था। लेकिन उस पर दो साल में कोई एक्शन नहीं हुआ। ठंडे बस्ते में फाइल दबा दी गई। क्योंकि नई कृषि बिजली वितरण कंपनी बनाने के लिए अलग बजट का बंदोबस्त करना होगा। नई कंपनी में अधिकारियों, इंजीनियरों, कर्मचारियों की अलग से भर्ती करनी होगी। देश के सबसे बड़े क्षेत्रफल वाले राज्य में मौजूदा बिजली सिस्टम से अलग गांव-ढ़ाणियों तक अलग बिजली डिस्ट्रिब्यूशन सिस्टम, पावर हाउस, फीडर, लाइनें बिछाने का काम करना होगा। साथ ही उसकी मेंटीनेंस, मॉनिटरिंग, कंट्रोलिंग करनी होगी। गांवों में बिजली चोरी रोकना और बकाया बिलों की वसूली भी हार्ड टास्क होगा। फाल्ट सुधारने और मरम्मत के काम के लिए अलग से टेक्नीकल स्टाफ और मैनपॉवर की जरूरत पड़ेगी।


फिलहाल कैसे चल रहा काम ?

बिजली संकट के बीच राजस्थान ऊर्जा विकास निगम लिमिटेड कोस्टल गुजरात पावर लिमिटेड से कॉन्ट्रैक्ट के तहत 380 मेगावाट पावर परचेज कर रहा है। पावर एक्सचेंज से 300 मेगावाट तक बिजली ली जा रही है।  उत्तरप्रदेश की बिजली डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों से 1500 मेगावाट बिजली बैंकिंग प्रोसेस से ली जा रही है। जो अप्रैल से सितम्बर 2023 के बीच यूपी को लौटानी होगी।  250-250 मेगावाट तक बिजली की शॉर्ट टर्म खरीद भी टेंडर के जरिए की जा रही है। एक्सट्रा जरूरत पड़ने पर बिजली एक्सचेंज से रियल टाइम बिजली खरीद की जा रही है।
 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed