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सरकार ने वार्ता के लिए सेवारत डॉक्टरों को बुलाया,रेजिडेंट्स को नहीं दिया न्योता
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 24 Dec 2017 09:23 AM IST
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एक सरकारी अस्पताल में खाली पड़ा डॉक्टर का चेंबर और बाहर लाइन में लगे मरीज
- फोटो : Amar Ujala
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राजस्थान में सेवारत चिकित्सकों की हड़ताल को समाप्त करने के लिए सरकार की ही तरफ से एकबार फिर से पहल की गई है। सरकार ने आज दोपहर दो बजे डॉक्टरों को वार्ता के लिए बुलाया है। इन सबके बीच सरकार की ओर से हड़ताली रेजिडेंट डॉक्टरों को कोई न्योता नहीं दिया गया है।
जानकारी के अनुसार स्वास्थय निदेशक डॉक्टर वीके माथुर ने राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के नाम एक पत्र जारी करते हुए हुए संघ के करीब 23 नेताओं को आज स्वास्थय भवन में वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। बताया गया है कि आज भी वार्ता में सेवारत डॉक्टर्स की मांगों पर सरकार पुन: विचार कर सकती है और जिसमें सरकार भी अपना पक्ष रखेगी।
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जानकारी के अनुसार स्वास्थय निदेशक डॉक्टर वीके माथुर ने राजस्थान सेवारत चिकित्सक संघ के नाम एक पत्र जारी करते हुए हुए संघ के करीब 23 नेताओं को आज स्वास्थय भवन में वार्ता के लिए आमंत्रित किया है। बताया गया है कि आज भी वार्ता में सेवारत डॉक्टर्स की मांगों पर सरकार पुन: विचार कर सकती है और जिसमें सरकार भी अपना पक्ष रखेगी।
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अस्पतालों में हालात बद से बदतर,इंटर्न दे रहे सेवाएं
डॉक्टर हड़ताल
सेवारत चिकित्सकों की हड़ताल के कारण प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में हालात बद से बदतर हो गए है। फिलहाल अभी तक तो इंटर्न मेडिकल स्टूडेंट्स ही मोर्चा संभाले हुए मगर सेवारत चिकित्सकों का अनुभव मरीजों को नहीं मिलने से कई अस्पतालोंं में केस बिगड़ने की जानकारी भी सामने आई है। दुआ यही की जा रही है कि अबकि बार डॉक्टर और सरकार के बीच चल रहा गतिरोध समाप्त हो जाए ताकि प्रदेश के लाखों मरीजों को राहत की सांस मिल सके।