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उपचुनाव: 'पंडित' शब्द को लेकर बयानवाजी करने वाले मंत्री को याद आए 'ब्राह्मण'
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 22 Jan 2018 06:13 PM IST
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वासुदेव देवनानी
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अपनी बयानबाजी के चलते सुर्खियों में रहने वाले राजस्थान सरकार के मंत्री को अब ब्राह्मण याद आ रहे हैं। आज उन्होंने अजमेर में उन्होंने कहा कि यदि ब्राह्मण समाज को जाने-अनजाने में कोई ठेस पहुंची है तो उसके लिए उन्हें खेद है।
दरअसल, राजस्थान के अजमेर और अलवर लोकसभा सीट व मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर आगामी 29 जनवरी को उपचुनाव होने वाले हैं। ऐसे में राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने तरीके से मतदाताओं को लुभाने का प्रयास कर रही हैं। विकास की बातें करने वाले राजस्थान सरकार के मंत्रियों को भी अब जातिगत राजनीति ज्यादा पसंद आ रही है।
इसकी बानगी है कि यहां अजमेर जिले से ताल्लुक रखने वाले शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी। देवनानी ने आज यहां कहा कि 'ब्राह्मण समाज मेरे लिए सदैव पूजनीय है। जाने-अनजाने में किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची तो मैं इसके लिए खेद व्यक्त करता हूं।'
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गौरतलब है कि ये मामला जयपुर से जुड़ा हुआ है। जहां शिक्षा राज्यमंत्री ने एक समारोह में शिकरत करने के दौरान सवाल उठाया था कि ब्राह्मण बिना डिग्री के पण्डित क्यों लगाते हैं? इसके बाद से ही प्रदेशभर में उनके इस बयान का ब्राह्मण समाज की ओर से विरोध शुरू हो गया था।
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दरअसल, राजस्थान के अजमेर और अलवर लोकसभा सीट व मांडलगढ़ विधानसभा सीट पर आगामी 29 जनवरी को उपचुनाव होने वाले हैं। ऐसे में राजनीतिक पार्टियां अपने-अपने तरीके से मतदाताओं को लुभाने का प्रयास कर रही हैं। विकास की बातें करने वाले राजस्थान सरकार के मंत्रियों को भी अब जातिगत राजनीति ज्यादा पसंद आ रही है।
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इसकी बानगी है कि यहां अजमेर जिले से ताल्लुक रखने वाले शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी। देवनानी ने आज यहां कहा कि 'ब्राह्मण समाज मेरे लिए सदैव पूजनीय है। जाने-अनजाने में किसी की भावनाओं को ठेस पहुंची तो मैं इसके लिए खेद व्यक्त करता हूं।'
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गौरतलब है कि ये मामला जयपुर से जुड़ा हुआ है। जहां शिक्षा राज्यमंत्री ने एक समारोह में शिकरत करने के दौरान सवाल उठाया था कि ब्राह्मण बिना डिग्री के पण्डित क्यों लगाते हैं? इसके बाद से ही प्रदेशभर में उनके इस बयान का ब्राह्मण समाज की ओर से विरोध शुरू हो गया था।
पहले भी कई बयानों से आए सुर्खियों में
वासुदेव देवनानी
जानकारी के अनुसार शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने ब्राह्मण समाज के बिना डिग्री पंडित लगाने को लेकर सवाल उठाया था। इसके पीछे उनके खुद के नाम के आगे प्रोफसर लगाने का मामला छिपा हुआ था।
मामले को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। जिस पर कोर्ट ने उनसे पूछा था कि वे अपने नाम के आगे प्रोफेसर क्यों लगाते हैं? याचिका में बताया गया था कि प्रोफेसर शब्द का उपयोग केवल प्रोफेसर पद पर आसीन व्यक्ति ही कर सकता है। जबकि राज्य के शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी के पास न तो प्रोफेसर पद की योग्यता है और न ही वे कभी प्रोफेसर रहे।
इसके अलावा देवनानी ने गाय को एकमात्र जीव बताया था जो आॅक्सीजन छोड़ती है। इस बयान की भी काफी चर्चा हुई थी।
मामले को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई। जिस पर कोर्ट ने उनसे पूछा था कि वे अपने नाम के आगे प्रोफेसर क्यों लगाते हैं? याचिका में बताया गया था कि प्रोफेसर शब्द का उपयोग केवल प्रोफेसर पद पर आसीन व्यक्ति ही कर सकता है। जबकि राज्य के शिक्षा मंत्री वासुदेव देवनानी के पास न तो प्रोफेसर पद की योग्यता है और न ही वे कभी प्रोफेसर रहे।
इसके अलावा देवनानी ने गाय को एकमात्र जीव बताया था जो आॅक्सीजन छोड़ती है। इस बयान की भी काफी चर्चा हुई थी।