{"_id":"5a3775634f1c1bc8678c21e0","slug":"rajasthan-alwar-these-five-dead-body-waiting-for-attention-know-why","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"इन पांच लाशों को आखिर क्यों है 'भगवान' का इंतजार, जानें...","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
इन पांच लाशों को आखिर क्यों है 'भगवान' का इंतजार, जानें...
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 18 Dec 2017 01:48 PM IST
विज्ञापन
dead body
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पांच मृतकों के शवों को इंतजार है धरती के भगवान का। उनके परिजन बाट जोह रहे हैं कि वो कब आएंगे ताकी शवों का अंतिम संस्कार हो सके।
मामला चिकित्सकों की हड़ताल से जुड़ा है। हड़ताल के तीसरे दिन अलवर में पांच शव चिकित्सकों के इंतजार में हैं। उनका पोस्टमार्टम किया जाना है। हालत यह है कि पूरे जिले में कल जहां 407 में से 376 डॉक्टर हड़ताल पर रहे। वहीं 70 डॉक्टर ड्यूटी पर पहुंचे जबकी 14 अवकाश पर हैं।
जिले के अधिकांश सरकारी अस्पतालों में मरीजों को आउटडोर में इलाज मिला पर गंभीर मरीज भर्ती नहीं किए गए। डॉक्टरों की हड़ताल से शवों के पोस्टमार्टम भी नहीं हुए।
विज्ञापन
मामला चिकित्सकों की हड़ताल से जुड़ा है। हड़ताल के तीसरे दिन अलवर में पांच शव चिकित्सकों के इंतजार में हैं। उनका पोस्टमार्टम किया जाना है। हालत यह है कि पूरे जिले में कल जहां 407 में से 376 डॉक्टर हड़ताल पर रहे। वहीं 70 डॉक्टर ड्यूटी पर पहुंचे जबकी 14 अवकाश पर हैं।
जिले के अधिकांश सरकारी अस्पतालों में मरीजों को आउटडोर में इलाज मिला पर गंभीर मरीज भर्ती नहीं किए गए। डॉक्टरों की हड़ताल से शवों के पोस्टमार्टम भी नहीं हुए।
विज्ञापन
चरमराती नजर आ रही हैं व्यवस्थाएं
doctor
जिला अस्पताल में 5 शव पोस्टमार्टम के लिए रखे हुए थे। इधर सीएमएचओ ने कहा कि जिले में रविवार शाम तक ज्यादातर डॉक्टर हड़ताल पर जाते हैं। जिला कलेक्टर ने आर्मी अस्पतालों को भी चिकित्सक उपलब्ध कराने के लिए पत्र लिखा है। वहीं, कलेक्टर के निर्देश पर आज जिले के 29 निजी चिकित्सालय में मरीजों को सरकारी भर्ती पर परामर्श दिया जाएगा।
इस तरह की हालत न केवल अलवर बल्कि राजस्थान के कई इलाकों की है। जहां अस्पतालों से चिकित्सक गायब नजर आए, जिसकी वजह से व्यवस्थाएं चरमराती नजर आई।
इस तरह की हालत न केवल अलवर बल्कि राजस्थान के कई इलाकों की है। जहां अस्पतालों से चिकित्सक गायब नजर आए, जिसकी वजह से व्यवस्थाएं चरमराती नजर आई।