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130 किलो की महिला के गॉल ब्लैडर से पथरी निकाल डॉक्टरों ने ऐसे रचा इतिहास
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 18 Jan 2018 09:28 PM IST
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सफल आॅपरेशन के बाद महिला के साथ खुश दिखाई देती डॉक्टरों की टीम
- फोटो : Amar Ujala
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130 किलो की महिला के गॉल ब्लैडर से पथरी निकाले जाने के लगभग नामुमकिन से काम को कुछ डॉक्टरों ने मुमकिन बनाते हुए इतिहास रचा है। ये कीर्तिमान अजमेर संभाग के सबसे बड़े जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के डॉक्टरों ने रचा है। इस बार सर्जरी विभाग ने 130 किलो वजनी महिला का दूरबीन से पथरी का सफल आॅपरेशन किया।
जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के सर्जरी विभाग के सहायक आचार्य डाॅ.अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि किशनगढ़ निवासी घीसी देवी उनके पास पेट दर्द की शिकायत लेकर आई, उनका वजन 130 किलो था। जब जांच की गई तो सामने आया कि पित्त की थैली में पथरियां है। इससे परेशानी बढ़ गई है।
महिला के उपचार के लिए उन्होंने बेरियाट्रिक सर्जरी को काम में लिया। जिसमें एनेस्थेसिया की टीम का भी खासा सहयोग रहा। डाॅ.शर्मा ने बताया कि यदि घीसी देवी का आॅपरेशन हाथ से किया जाता तो उन्हें कई परेशानियां हो सकती थी। वहीं कई दिन बिस्तर पर भी रहना होता लेकिन इस सर्जरी के बाद दूसरे दिन से ही घीसी देवी चलने लगी है और पूरी तरह स्वस्थ है। घीसी देवी को छुट्टी देकर घर भी भेज दिया गया है।
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डाॅ.शर्मा ने कहा कि उनके साथ टीम में डाॅ.पेमाराम, डाॅ.सत्यवीर, डाॅ. मुकेश, एनस्थेसिया विभाग से डाॅ.नीना जैन, डाॅ.वीणा पाटोदी, डाॅ.सुरेन्द्र, डाॅ.शिवांगी, डाॅ.प्रीति, डाॅ.पूर्वा शामिल थे।
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जवाहर लाल नेहरू अस्पताल के सर्जरी विभाग के सहायक आचार्य डाॅ.अनिल कुमार शर्मा ने बताया कि किशनगढ़ निवासी घीसी देवी उनके पास पेट दर्द की शिकायत लेकर आई, उनका वजन 130 किलो था। जब जांच की गई तो सामने आया कि पित्त की थैली में पथरियां है। इससे परेशानी बढ़ गई है।
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महिला के उपचार के लिए उन्होंने बेरियाट्रिक सर्जरी को काम में लिया। जिसमें एनेस्थेसिया की टीम का भी खासा सहयोग रहा। डाॅ.शर्मा ने बताया कि यदि घीसी देवी का आॅपरेशन हाथ से किया जाता तो उन्हें कई परेशानियां हो सकती थी। वहीं कई दिन बिस्तर पर भी रहना होता लेकिन इस सर्जरी के बाद दूसरे दिन से ही घीसी देवी चलने लगी है और पूरी तरह स्वस्थ है। घीसी देवी को छुट्टी देकर घर भी भेज दिया गया है।
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डाॅ.शर्मा ने कहा कि उनके साथ टीम में डाॅ.पेमाराम, डाॅ.सत्यवीर, डाॅ. मुकेश, एनस्थेसिया विभाग से डाॅ.नीना जैन, डाॅ.वीणा पाटोदी, डाॅ.सुरेन्द्र, डाॅ.शिवांगी, डाॅ.प्रीति, डाॅ.पूर्वा शामिल थे।