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आनंदपाल एनकाउंटर पर सवाल, ये दे रहे है दलीलें
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sun, 25 Jun 2017 08:47 PM IST
मालासर के घर में आनंदपाल की लाश
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गैंगस्टर आनंदपाल सिंह के एनकाउंटर को लेकर राजस्थान पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए जा रहे है। आनंदपाल के परिजन और समर्थकों का आरोप है कि पुलिस ने आनंदपाल को जिंदा पकड़ा था और फिर उसका एनकाउंटर कर दिया। आनंदपाल समर्थक सोशल मीडिया पर अपना गुस्सा जाहिर कर रहे है। इसे एनकाउंटर को फर्जी करार देते हुए इनकी दलीलें इस प्रकार है—
1. पुलिस के अनुसार आनंदपाल ने एके 47 से 100 से ज्यादा और पुलिस ने 50 से ज्यादा राउंड फायर किए। आनंदपाल समर्थक कहते है कि आनंदपाल शार्प शूटर था और वह निशाना नहीं चूक सकता था। ऐसे में उसकी गोली से केवल दो पुलिसकर्मी ही घायल हुए?
2. शीशे में देखकर आनंदपाल पर निशाना लगाने की बात भी समर्थकों को गले नहीं उतर रही है। अमावस की रात को इस शीशे में आनंदपाल का मूवमेंट कैसे दिखाई दे सकता है।
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3. समर्थकों ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि पुलिस ने घेरकर लिया और उसे सरेंडर करने का मौका नहीं दिया। ताबड़तोड़ फायर कर उसे मार गिराया। इसके बाद उसके एनकाउंटर की कहानी बना दी।
4. पुलिस ने कार्रवाई के लिए सुबह तक इंतजार नहीं किया।
5. जयपुर में डीजीपी मनोज भट्ट और चुरू में एसपी राहुल बारहठ ने प्रेस कांफ्रेंस में जो घटनाक्रम और फायर संबंधी जानकारी दी, उनमें विरोधाभास क्यों है?
6.जब कसाब को जिन्दा पकड़ा जा सकता है तो आनंदपाल को क्यों नहीं।
1. पुलिस के अनुसार आनंदपाल ने एके 47 से 100 से ज्यादा और पुलिस ने 50 से ज्यादा राउंड फायर किए। आनंदपाल समर्थक कहते है कि आनंदपाल शार्प शूटर था और वह निशाना नहीं चूक सकता था। ऐसे में उसकी गोली से केवल दो पुलिसकर्मी ही घायल हुए?
2. शीशे में देखकर आनंदपाल पर निशाना लगाने की बात भी समर्थकों को गले नहीं उतर रही है। अमावस की रात को इस शीशे में आनंदपाल का मूवमेंट कैसे दिखाई दे सकता है।
3. समर्थकों ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि पुलिस ने घेरकर लिया और उसे सरेंडर करने का मौका नहीं दिया। ताबड़तोड़ फायर कर उसे मार गिराया। इसके बाद उसके एनकाउंटर की कहानी बना दी।
4. पुलिस ने कार्रवाई के लिए सुबह तक इंतजार नहीं किया।
5. जयपुर में डीजीपी मनोज भट्ट और चुरू में एसपी राहुल बारहठ ने प्रेस कांफ्रेंस में जो घटनाक्रम और फायर संबंधी जानकारी दी, उनमें विरोधाभास क्यों है?
6.जब कसाब को जिन्दा पकड़ा जा सकता है तो आनंदपाल को क्यों नहीं।