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अजमेर बम ब्लास्ट: कोर्ट ने फैसला रखा सुरक्षित, 22 को होगा सजा का ऐलान

Sat, 18 Mar 2017 12:35 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Sat, 18 Mar 2017 12:35 PM IST
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punishment wil be declared today in ajmer bomb blast case
अजमेर दरगाह - फोटो : demo pic
अजमेर दरगाह बम ब्लास्ट मामले में एक बार सजा का ऐलान नहीं हो सका। जयपुर के विशेष एनआईए कोर्ट फैसला सुरक्षित रखते हुए कहा कि सजा का ऐलान 22 मार्च को किया जाएगा। इस मामले में दो आरोपियों को सजा सुनाई जानी है।  इससे पूर्व गुरुवार को ही सजा का ऐलाान होना था लेकिन फैसला शनिवार तक के लिए टाल दिया गया था। इस मामले में विशेष न्यायाधीश दिनेश गुप्ता ने आरोपी देवेंद्र गुप्ता, भावेश पटेल और सुनील जोशी को दोषी करार दिया था। इनमें सुनील जोशी की मौत हो चुकी है।
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इस केस में स्वामी असीमानंद का नाम आने के बाद इस केस ने काफी सुर्खियां बटोरी थी लेकिन एनआईए कोर्ट ने उन्हें संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया है।

अभी तक यह रहा है केस

अजमेर में स्थित सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह परिसर में आहता— ए— नूर पेड़ के पास 11 अक्टूबर 2007 को बम विस्फोट हुआ था। 11 अक्टूबर 2007 को दरगाह परिसर में हुए बम विस्फोट में तीन जायरीन मारे गए थे और पंद्रह जायरीन घायल हो गए थे। विस्फोट के बाद पुलिस को तलाशी के दौरान एक लावारिस बैग मिला था। जिसमे टाइमर डिवाइस लगा जिंदा बम रखा था।
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जुर्माना लगा चुका है कोर्ट

गौरतलब है कि एनआईए ने तेरह आरोपियों के खिलाफ चालान पेश किया था। इनमें से आठ आरोपी साल 2010 से न्यायिक हिरासत में बंद हैं। न्यायिक हिरासत में बंद आठ आरोपी स्वामी असीमानंद,हर्षद सोलंकी, मुकेश वासाणी, लोकेश शर्मा, भावेश पटेल, मेहुल कुमार,भरत भाई, देवेन्द्र गुप्ता हैं। एक आरोपी चन्द्र शेखर लेवे जमानत पर है।
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पिछली सुनवाई में देवेंद्र और भावेश दोनों पर 1—1 लाख रुपए का आर्थिक जुर्माना लगाया जा चुका है।

एक दोषी की हो चुकी है हत्या

मामले में एक आरोपी सुनील जोशी की हत्या हो चुकी है और तीन आरोपी संदीप डांगे, रामजी कलसांगरा और सुरेश नायर फरार चल रहा है। इस मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से 149 गवाहों के बयान दर्ज करवाए गए लेकिन अदालत में गवाही के दौरान कई गवाह अपने बयान से मुकर गए।
 एक अप्रैल 2011 को भारत सरकार ने मामले की जांच एनआईए को सौप दी थी।
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