{"_id":"59e4b4e34f1c1b6e548b7978","slug":"prevention-of-removal-of-contract-workers","type":"story","status":"publish","title_hn":"महिला चिकित्सालय में लगे संविदा कर्मियों को हटाने पर रोक ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
महिला चिकित्सालय में लगे संविदा कर्मियों को हटाने पर रोक
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 16 Oct 2017 07:14 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजस्थान हाईकोर्ट ने जयपुर शहर के सांगानेरी गेट स्थित महिला चिकित्सालय में संविदा पर कार्यरत लैब टेक्नीशियन और रेडियोग्राफर को हटाने पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही अदालत ने चिकित्सा सचिव, अतिरिक्त चिकित्सा निदेशक और महिला चिकित्सालय अधीक्षक सहित अन्य को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश विश्व प्रकाश शर्मा व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया याचिकाकर्ता वर्ष 2013 से सांगानेरी गेट महिला चिकित्सालय में रेडियोग्राफर और लैब टेक्नीशियन सहित अन्य पदों पर संविदा के तौर पर काम कर रहे हैं। अब उनके स्थान पर नए संविदाकर्मियों को ठेके पर लिया जा रहा है। याचिका में कहा गया कि जब तक नियमित कर्मचारियों की भर्ती नहीं हो जाती तब तक याचिकाकर्ताओं को हटाना गलत है। इसके अलावा संविदा कर्मियों को दूसरे संविदा कर्मी के जरिए नहीं बदला जा सकता। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ में याचिकाकर्ताओं को हटाने पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
विज्ञापन
न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश विश्व प्रकाश शर्मा व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया याचिकाकर्ता वर्ष 2013 से सांगानेरी गेट महिला चिकित्सालय में रेडियोग्राफर और लैब टेक्नीशियन सहित अन्य पदों पर संविदा के तौर पर काम कर रहे हैं। अब उनके स्थान पर नए संविदाकर्मियों को ठेके पर लिया जा रहा है। याचिका में कहा गया कि जब तक नियमित कर्मचारियों की भर्ती नहीं हो जाती तब तक याचिकाकर्ताओं को हटाना गलत है। इसके अलावा संविदा कर्मियों को दूसरे संविदा कर्मी के जरिए नहीं बदला जा सकता। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ में याचिकाकर्ताओं को हटाने पर रोक लगाते हुए संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
विज्ञापन