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शिक्षक भर्ती मामले में रिकॉर्ड पेश कर बताएं, कितने अपात्रों का किया चयन- हाईकोर्ट
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 10 Feb 2018 01:59 PM IST
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राजस्थान हाइकोर्ट ने प्रारंभिक शिक्षा विभाग को आदेश दिए हैं कि वह 15 फरवरी को रिकॉर्ड पेश कर बताए की तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती-2016 में कितने अपात्र अभ्यथियों का चयन किया गया।
न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश मंजू कुमारी व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता अनूप ढंड ने बताया की राज्य सरकार ने 11 सितम्बर 2016 को तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती निकली। जिसमें संबंधित विषय में 60 फीसदी अंको से आरटेट या रीट उत्तीर्ण होने की शर्त रखी। इसके अलावा संबंधित विषय स्नातक में भी होना चाहिए था। याचिका में कहा गया की भर्ती में आरटेट या रीट में 60 फीसदी से कम अंक लाने वालो का भी चयन कर लिया गया। इसके अलावा कुछ चयनित अभ्यथियों के पास स्नातक में भी संबधित विषय नहीं है।
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न्यायाधीश वीएस सिराधना की एकलपीठ ने यह आदेश मंजू कुमारी व अन्य की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए।
याचिका में अधिवक्ता अनूप ढंड ने बताया की राज्य सरकार ने 11 सितम्बर 2016 को तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती निकली। जिसमें संबंधित विषय में 60 फीसदी अंको से आरटेट या रीट उत्तीर्ण होने की शर्त रखी। इसके अलावा संबंधित विषय स्नातक में भी होना चाहिए था। याचिका में कहा गया की भर्ती में आरटेट या रीट में 60 फीसदी से कम अंक लाने वालो का भी चयन कर लिया गया। इसके अलावा कुछ चयनित अभ्यथियों के पास स्नातक में भी संबधित विषय नहीं है।
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यह कहा है याचिका में
कोर्ट
- फोटो : amar ujala
याचिका में यह भी कहा गया की कुछ अपात्र अभ्यथी सम्बंधित विषय में एक साल का एडिशनल बीए कर चयनित हो गए। जबकि एक साल के एडिशनल बीए को यूजीसी मान्यता नहीं देता है।
सुनवाई के दौरान प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अदालत में पेश हुए। अदालत ने उन्हें कहा कि वे अंग्रेजी विषय में चयनित 4 हजार 974 अभ्यथियों का रिकॉर्ड पेश करें।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता कि ओर से कहा गया कि अपात्रों के चयन के चलते याचिकाकर्ता सहित अन्य योग्य अभ्यर्थियों का चयन नहीं हो सका। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर नए सिरे से चयन किया जाए।
सुनवाई के दौरान प्रारंभिक शिक्षा निदेशक अदालत में पेश हुए। अदालत ने उन्हें कहा कि वे अंग्रेजी विषय में चयनित 4 हजार 974 अभ्यथियों का रिकॉर्ड पेश करें।
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता कि ओर से कहा गया कि अपात्रों के चयन के चलते याचिकाकर्ता सहित अन्य योग्य अभ्यर्थियों का चयन नहीं हो सका। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया को रद्द कर नए सिरे से चयन किया जाए।