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कानून को ताक पर रख खुद अवैध वसूली पर उतारू पुलिस
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Sat, 07 Oct 2017 06:37 PM IST
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एक बार फिर से खाकी वर्दी को कुछ पुलिसकर्मियों ने शर्मसार कर दिया। जहां पुलिस वालों ने अवैध तरीके से एक वित्तिय मामले में 10 लाख रुपए की मांग की है।
उदयपुर में वित्तीय अपराध के एक मामले में हिरण मगरी पुलिस के अवैध तरीके से वसूली करने का एक मामला सामने आया है। अवैध वसूली की पूरी कार्रवाई पीड़ित ने अपने मोबाइल में वीडियो बनाकर कैद की, तो सारे मामले की पोल खुल गई। इस संबंध में पीड़ित हरेन्द्र कुमार जाट ने पुलिस महानिदेशक को शिकायत भेजकर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
मामले के अनुसार सुरेशचंद्र पुत्र पूरणमल निवासी सुभाष नगर जिला भरतपुर पीड़ित हरेन्द्र कुमार के बड़े भाई अनिल कुमार से 10 लाख रुपए मांगता है। जिसके एवज में अनिल कुमार ने सुरेशचंद्र को चैक दिए थे, जो रिर्टन हो गए। इस बारे में सुरेशचंद्र ने 9 अगस्त को अपने वकील के जरिए धारा 138 के तहत एक नोटिस अनिल कुमार को भेजा था।
इस मामले में पुलिस ही वकील बन गई और हिरण मगरी थाने के एएसआई हमेरलाल ने पीड़ित के भाई अनिल कुमार से कहा कि 10 लाख रुपए देकर उसका मैटर निपटा दो नहीं तो सुरेशचन्द्र से रिपोर्ट लेकर तुम्हे बंद कर देंगे।
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इस पर पीड़ित हरेन्द्रकुमार और उसके भाई अनिल कुमार ने पुलिस को बताया कि सुरेशचन्द्र ने पहले ही 138 का नोटिस भेज रखा है तो उसका जवाब भी उसी तरीके से दिया जाएगा। इस पर एएसआई ने अपना रौब झाड़ते हुए पैसे लेकर थाने आने को कहा और धमकाते हुए बोला कि अगर थाने नहीं पहुंचे तो अंजाम भुगतना पड़ेगा।
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उदयपुर में वित्तीय अपराध के एक मामले में हिरण मगरी पुलिस के अवैध तरीके से वसूली करने का एक मामला सामने आया है। अवैध वसूली की पूरी कार्रवाई पीड़ित ने अपने मोबाइल में वीडियो बनाकर कैद की, तो सारे मामले की पोल खुल गई। इस संबंध में पीड़ित हरेन्द्र कुमार जाट ने पुलिस महानिदेशक को शिकायत भेजकर कार्रवाई करने की गुहार लगाई है।
मामले के अनुसार सुरेशचंद्र पुत्र पूरणमल निवासी सुभाष नगर जिला भरतपुर पीड़ित हरेन्द्र कुमार के बड़े भाई अनिल कुमार से 10 लाख रुपए मांगता है। जिसके एवज में अनिल कुमार ने सुरेशचंद्र को चैक दिए थे, जो रिर्टन हो गए। इस बारे में सुरेशचंद्र ने 9 अगस्त को अपने वकील के जरिए धारा 138 के तहत एक नोटिस अनिल कुमार को भेजा था।
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इस मामले में पुलिस ही वकील बन गई और हिरण मगरी थाने के एएसआई हमेरलाल ने पीड़ित के भाई अनिल कुमार से कहा कि 10 लाख रुपए देकर उसका मैटर निपटा दो नहीं तो सुरेशचन्द्र से रिपोर्ट लेकर तुम्हे बंद कर देंगे।
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इस पर पीड़ित हरेन्द्रकुमार और उसके भाई अनिल कुमार ने पुलिस को बताया कि सुरेशचन्द्र ने पहले ही 138 का नोटिस भेज रखा है तो उसका जवाब भी उसी तरीके से दिया जाएगा। इस पर एएसआई ने अपना रौब झाड़ते हुए पैसे लेकर थाने आने को कहा और धमकाते हुए बोला कि अगर थाने नहीं पहुंचे तो अंजाम भुगतना पड़ेगा।
बिना वारंट के ही गिरफ्तार करने पहुंचे
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पीड़ित के अनुसार थाने से फोन आने पर अगले दिन ही सुबह 11 बजे वर्दी में रामजीलाल नामक एक पुलिसकर्मी वर्दी में पीड़ित के सब्जी मंडी स्थित दुकान पर आए और अनिल कुमार के बारे में पूछताछ करके चले गए। थोड़ी देर बाद हिरण मगरी पुलिस का हैड कांस्टेबल भगवानलाल और सिपाही रामजीलाल के साथ एक अन्य सिपाही प्रार्थी की दुकान में जबरन घुसा और अनिल कुमार को बुलाने की जिद की और 10 लाख रुपए सुरेशचन्द्र को देने के लिए धमकाया। इसी दौरान अनिल भी दुकान पर पहुंच गया तो पुलिस वालों ने उसके साथ भी बदतमीजी करने लगे।
पीड़ित के अनुसार उसने जब पुलिसकर्मियों से जबरन दुकान पर घुस आने का कारण पूछा तो उन्होनें जवाब दिया कि तुम्हारे भाई के खिलाफ मामला है, पीड़ित ने शिकायत की कॉपी चाही तो कांस्टेबल भगवानलाल पीड़ित को धमकाते हुए कहने लगा 'इसको लिखित में चाहिए इसको उठाकर गाड़ी में डालो थाने में दिखाएंगे इसको शिकायत'। हंगामा बढ़ता देखकर पुलिसकर्मी वहां से चले गए और शाम तक थाने में 10 लाख रुपए लेकर आने को कहा।
पीड़ित के अनुसार उसने जब पुलिसकर्मियों से जबरन दुकान पर घुस आने का कारण पूछा तो उन्होनें जवाब दिया कि तुम्हारे भाई के खिलाफ मामला है, पीड़ित ने शिकायत की कॉपी चाही तो कांस्टेबल भगवानलाल पीड़ित को धमकाते हुए कहने लगा 'इसको लिखित में चाहिए इसको उठाकर गाड़ी में डालो थाने में दिखाएंगे इसको शिकायत'। हंगामा बढ़ता देखकर पुलिसकर्मी वहां से चले गए और शाम तक थाने में 10 लाख रुपए लेकर आने को कहा।
फिर झूठे मामले में फंसाने की दी धमकी
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इस पूरे घटनाक्रम के बाद 3 अक्टूबर की रात 9 बजे एएसआई हमेरलाल व उसके साथी पीड़ित के सेक्टर 14 स्थित घर गए। वहां पीड़ित के छोटे भाई गजेन्द्र कुमार को उठाकर हिरण मगरी पुलिस स्टेशन ले गए और मारपीट की जिससे उसके कान के पर्दे में भी चोट आई है।
थाने में गजेन्द्र कुमार को धमकाया गया कि सुरेशचन्द्र के दस लाख रुपए नहीं देने और भगवानलाल के खिलाफ शिकायत नहीं ली तो तुझे झूठे मामले में फंसा कर जेल भेज देंगे। इसके बाद पीड़ित के भाई गजेन्द्रकुमार को 151 में बंद कर अगले दिन एसडीएम के सामने प्रस्तुत किया जहां से उसकी रिहाई हुई।
पीड़ित के अनुसार उक्त पूरे घटनाक्रम की शिकायत पीड़ित अभी तक पुलिस महानिदेशक जयपुर, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विजिलेंस, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध और पुलिस अधीक्षक उदयपुर को भी कर चुका है।
थाने में गजेन्द्र कुमार को धमकाया गया कि सुरेशचन्द्र के दस लाख रुपए नहीं देने और भगवानलाल के खिलाफ शिकायत नहीं ली तो तुझे झूठे मामले में फंसा कर जेल भेज देंगे। इसके बाद पीड़ित के भाई गजेन्द्रकुमार को 151 में बंद कर अगले दिन एसडीएम के सामने प्रस्तुत किया जहां से उसकी रिहाई हुई।
पीड़ित के अनुसार उक्त पूरे घटनाक्रम की शिकायत पीड़ित अभी तक पुलिस महानिदेशक जयपुर, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक विजिलेंस, अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक अपराध और पुलिस अधीक्षक उदयपुर को भी कर चुका है।