दुनिया की दस लक्जरी ट्रेनों में शामिल भारत की इस ट्रेन के सफर का अंत!
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पैलेस अॉन व्हील्स को राजस्थान राज्य पर्यटन विकास निगम (आरटीडीसी) और भारतीय रेलवे मिलकर संचालित करते हैं। लेकिन आरटीडीसी इसके कोचों की खराब स्थिति का हवाला देकर इसे बंद कर रहा है।
अब इसके स्थान पर रॉयल राजस्थान आॅन व्हील को चलाया जाएगा। लेकिन आश्चर्य की बात है कि आगामी छह सितंबर से प्रारंभ हो रहे शाही सफर के लिए जो बुकिंग की जा रही है, वह पैलेस आॅन व्हीलस के नाम से की जा रही है।
आरटीडीसी नहीं बता रहा है सच
जानकारी के अनुसार आगामी पर्यटन सीजन के लिए करीब 1000 से ज्यादा बुकिंग हो चुकी है। आरटीडीसी की ओर से तर्क दिया जा रहा है पैलेस आॅन व्हील्स के कोचों से कंपन व तेज आवाज की शिकायतें आ रही हैं।
साथ ही रेलवे के अनुसार कोच की कोडल लाइफ 25 साल है। जबकि इस ट्रेन के कोचों को 23 साल हो गए है। हालांकि सच्चाई यह है कि जिस ट्रेन को पैलेस आॅन व्हील्स के बदले चलाया जाएगा। उसे आरटीडीसी ने 2009 से संचालित करना प्रारंभ किया था। लेकिन उसके कोचों के लिए शिकायतों की संख्या काफी अधिक है।
घाटे का सौदा रही है रॉयल राजस्थान आॅन व्हील्स
रॉयल राजस्थान आॅन व्हील्स हमेशा से ही आरटीडीसी के लिए घाटे का सौदा रही है। इसलिए आरटीडीसी पैलेस आॅन व्हील्स के नाम से बुकिंग कर रहा है और राजस्थान रॉयल आॅन व्हील्स को चला रहा है। लेकिन रेलवे के पूर्व अधिकारी मानते है कि यह पर्यटकों के साथ धोखा है।
पर्यटन से जुड़े लोगों का कहना है कि आरटीडीसी को अंतरराष्ट्रीय व राष्ट्रीय पर्यटकों से सच्चाई नहीं छिपानी चाहिए। इससे निगम की छवि पर दाग लगेगा।