{"_id":"59539e144f1c1b536b8b4630","slug":"order-to-give-20-lakh-to-widow-of-constable-on-death-in-promotion-race","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्रमोशन के लिए लगाई दौड़ में मौत, कोर्ट ने कहा कांस्टेबल की पत्नी को सरकार दे 20 लाख ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्रमोशन के लिए लगाई दौड़ में मौत, कोर्ट ने कहा कांस्टेबल की पत्नी को सरकार दे 20 लाख
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Wed, 28 Jun 2017 06:10 PM IST
विज्ञापन
Demo Pic
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हैडकांस्टेबल पद पर प्रमोशन के लिए शारीरिक दक्षता परीक्षा में दौड़ के दौरान हुई कांस्टेबल की मौत के मामले में राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार को उसकी पत्नी को 20 लाख रुपए देने के आदेश दिए हैं। साथ ही, अदालत ने याचिकाकर्ता कांस्टेबल की पत्नी को स्पेशल पेंशन भी जारी करने को कहा है। अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता को पूर्व में दी गई राशि को काटकर शेष राशि ब्याज सहित अदा की जाए।
न्यायाधीश एसपी शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश रामेश्वरी देवी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता का पति रामजीलाल राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत था। वर्ष 2014 में कांस्टेबल पद से हैड कांस्टेबल पद के लिए पदोन्नति प्रक्रिया आरंभ की गई। जिसकी लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने पर याचिकाकर्ता के पति को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया गया। जिसमें याचिकाकर्ता के पति को पन्द्रह मिनट में दो किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी थी।
याचिकाकर्ता के पति ने दौड़ में हिस्सा लिया, लेकिन बीच में ही उसकी मौत हो गई। याचिका में कहा गया कि बिना मेडिकल टेस्ट और फिटनेस जांचे याचिकाकर्ता के पति को दौड़ में शामिल किया गया। जिसके चलते उसकी मौत हो गई। याचिकाकर्ता की ओर से राज्य सरकार को आवेदन कर कहा गया कि उसके पति की मौत को ड्यूटी पर रहते हुई दुर्घटना के रूप में मानकर क्षतिपूर्ति दी जाए, लेकिन विभाग की ओर से उसे उचित क्षतिपूर्ति राशि और स्पेशल पेंशन नहीं दी गई।
विज्ञापन
ऐसे में उसे उचित क्षतिपूर्ति राशि और स्पेशल पेंशन दिलाई जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को बीस लाख रुपए की क्षतिपूर्ति राशि और स्पेशल पेंशन देने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
न्यायाधीश एसपी शर्मा की एकलपीठ ने यह आदेश रामेश्वरी देवी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। याचिका में कहा गया कि याचिकाकर्ता का पति रामजीलाल राजस्थान पुलिस में कांस्टेबल के पद पर कार्यरत था। वर्ष 2014 में कांस्टेबल पद से हैड कांस्टेबल पद के लिए पदोन्नति प्रक्रिया आरंभ की गई। जिसकी लिखित परीक्षा उत्तीर्ण करने पर याचिकाकर्ता के पति को शारीरिक दक्षता परीक्षा के लिए बुलाया गया। जिसमें याचिकाकर्ता के पति को पन्द्रह मिनट में दो किलोमीटर की दौड़ पूरी करनी थी।
विज्ञापन
याचिकाकर्ता के पति ने दौड़ में हिस्सा लिया, लेकिन बीच में ही उसकी मौत हो गई। याचिका में कहा गया कि बिना मेडिकल टेस्ट और फिटनेस जांचे याचिकाकर्ता के पति को दौड़ में शामिल किया गया। जिसके चलते उसकी मौत हो गई। याचिकाकर्ता की ओर से राज्य सरकार को आवेदन कर कहा गया कि उसके पति की मौत को ड्यूटी पर रहते हुई दुर्घटना के रूप में मानकर क्षतिपूर्ति दी जाए, लेकिन विभाग की ओर से उसे उचित क्षतिपूर्ति राशि और स्पेशल पेंशन नहीं दी गई।
विज्ञापन
ऐसे में उसे उचित क्षतिपूर्ति राशि और स्पेशल पेंशन दिलाई जाए। जिस पर सुनवाई करते हुए एकलपीठ ने याचिकाकर्ता को बीस लाख रुपए की क्षतिपूर्ति राशि और स्पेशल पेंशन देने के आदेश दिए हैं।