{"_id":"59b63e974f1c1bf57f8b5de2","slug":"one-more-died-in-small-clashes-happened-in-jaipur","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"जयपुर उपद्रव में एक नहीं मरे थे दो जने, पुलिस ने छुपाया, अब चला पता","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जयपुर उपद्रव में एक नहीं मरे थे दो जने, पुलिस ने छुपाया, अब चला पता
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Mon, 11 Sep 2017 01:21 PM IST
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जयपुर में कर्फ्यू
- फोटो : amar ujala
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जयपुर उपद्रव में एक नहीं दो जने मरे थे। पुलिस ने दूसरी मौत को दो दिन तक छिपाए रखा, लेकिन आज ये खुलासा हो गया है। मरनेवाला निःशक्त है, जो ई-रिक्शा चलाता था। उसके परिजन उसे लापता मान रहे थे।
जानकारी के अनुसार जयपुर के रामगंज इलाके में पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हुए तनाव में जयपुर के ब्रह्मपुरी थाना इलाके के शंकर नगर इलाके के रहने वाले निःशक्त 29 वर्षीय रिक्शा चालक भरत कोडवानी की मौत हो गई।
बताया गया है कि भरत पिछले तीन दिनों से लापता था, जिसकी तलाश में उसके परिजनों ने रामगंज थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। आज कर्फ्यू के तीसरे पुलिस भरत के परिजनों को उसकी मौत की सूचना मिली।
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जानकारी के अनुसार जयपुर के रामगंज इलाके में पुलिस और स्थानीय लोगों के बीच हुए तनाव में जयपुर के ब्रह्मपुरी थाना इलाके के शंकर नगर इलाके के रहने वाले निःशक्त 29 वर्षीय रिक्शा चालक भरत कोडवानी की मौत हो गई।
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बताया गया है कि भरत पिछले तीन दिनों से लापता था, जिसकी तलाश में उसके परिजनों ने रामगंज थाने में उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई थी। आज कर्फ्यू के तीसरे पुलिस भरत के परिजनों को उसकी मौत की सूचना मिली।
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पुलिस ने तीन दिन बाद ही क्यों दी सूचना: परिजन
कर्फ्यूग्रस्त इलाके का माहौल
- फोटो : amar ujala
सूचना मिलने के बाद भरत के परिजन सवाई मानसिंह अस्पताल पहुंचे थे। मृतक के परिजनों ने पुलिस को बताया कि उपद्रव वाले दिन से ही भरत गायब था।
मृतक के परिजनों ने पुलिस पर उसकी मौत के बारे में जानकारी छुपाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस ने जानबूझकर भरत के बारे में उन्हें जानकारी नहीं दी। आज कर्फ्यू के तीन दिन बाद पुलिस ने उसके परिजनों को एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए बुलावाया।
अब भरत के परिजन भी पोस्टमार्टम नहीं कराने की बात कह रहे हैं और उन्होनें भी इस उपद्रव में मारे गए एक अन्य युवक आदिल के परिजनों की तरह ही मुआवजा देने और अन्य चीजों की मांग की है।
मृतक के परिजनों ने पुलिस पर उसकी मौत के बारे में जानकारी छुपाने का आरोप लगाते हुए कहा है कि पुलिस ने जानबूझकर भरत के बारे में उन्हें जानकारी नहीं दी। आज कर्फ्यू के तीन दिन बाद पुलिस ने उसके परिजनों को एसएमएस अस्पताल की मोर्चरी में शव का पोस्टमार्टम कराने के लिए बुलावाया।
अब भरत के परिजन भी पोस्टमार्टम नहीं कराने की बात कह रहे हैं और उन्होनें भी इस उपद्रव में मारे गए एक अन्य युवक आदिल के परिजनों की तरह ही मुआवजा देने और अन्य चीजों की मांग की है।
65 साल की मां का इकलौता बेटा था भरत
जयपुर में कर्फ्यू
- फोटो : amar ujala
इधर पुलिस का कहना है कि मृतक का पोस्टमार्टम कराए बिना पुष्टि नहीं हो पाएगी की उसकी मौत कैसे हुई।
भरत का एक पैर खराब है। भरत कोडवानी के चाचा तोलाराम ने बताया कि भरत अपनी 65 वर्षीय मां का इकलौता बेटा था और रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण करता था। भरत के चचेरे भाई कमलेश ने कहा कि उसकी मौत भी पुलिस की फायरिंग में ही हुई है, क्योंकि उपद्रव वाले समय भरत रामगंज में ही सवारी छोड़ने गया हुआ था जिसके बाद वो वापस लौटकर ही नहीं आया।
भरत के परिजनों ने मांग की है कि उसका पोस्टमार्टम भी मेडिकल बोर्ड द्वारा ही कराया जाए।
भरत का एक पैर खराब है। भरत कोडवानी के चाचा तोलाराम ने बताया कि भरत अपनी 65 वर्षीय मां का इकलौता बेटा था और रिक्शा चलाकर अपने परिवार का पालन पोषण करता था। भरत के चचेरे भाई कमलेश ने कहा कि उसकी मौत भी पुलिस की फायरिंग में ही हुई है, क्योंकि उपद्रव वाले समय भरत रामगंज में ही सवारी छोड़ने गया हुआ था जिसके बाद वो वापस लौटकर ही नहीं आया।
भरत के परिजनों ने मांग की है कि उसका पोस्टमार्टम भी मेडिकल बोर्ड द्वारा ही कराया जाए।