{"_id":"5995b4bd4f1c1bc1098b4730","slug":"new-guests-come-in-the-century-tourist-can-be-enjoy-lion-safari-till-2018","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"खुशखबर: अब इस बायोलॉजिकल पार्क में लाॅयन सफारी का लुत्फ भी उठा सकेंगे टूरिस्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खुशखबर: अब इस बायोलॉजिकल पार्क में लाॅयन सफारी का लुत्फ भी उठा सकेंगे टूरिस्ट
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 17 Aug 2017 09:01 PM IST
विज्ञापन
शावकों के साथ शेरनी तेजिका
- फोटो : Vishnu Sharma
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वन्य जीवों के प्रजनन हेतु नाहरगढ़ बाॅयोलाॅजिकल पार्क माकूल साबित हो रहा है और पर्यटकों के आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। पार्क में गत दिनों एशियाई शेरनी तेजिका ने तीन शावकों को जन्म दिया था, जो कि बिल्कुल स्वस्थ हैं। इसके साथ-साथ पार्क में भेड़िये, सियार व हायना ने भी बच्चों को जन्म दिया है।
राजस्थान वन विभाग मुख्यालय अरण्य भवन के अनुसार जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा पार्क में लाॅयन सफारी को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। प्राधिकरण द्वारा यह काम पूरा होने के बाद एशियाई शेरनी तेजिका, नर सिद्धार्थ व सुहासिनी को इस सफारी में शिफ्ट करने की विभाग की योजना है।
विभाग का अनुमान है कि 2018 में जयपुर सहित अन्य देशी-विदेशी पर्यटक यहां लाॅयन सफारी का आनंद ले सकेगें। गौरतलब है कि नाहरगढ बायलोजिकल पार्क, नाहरगढ अभयारण्य जयपुर-नई दिल्ली राजमार्ग पर स्थित है।
विज्ञापन
विज्ञापन
राजस्थान वन विभाग मुख्यालय अरण्य भवन के अनुसार जयपुर विकास प्राधिकरण द्वारा पार्क में लाॅयन सफारी को विकसित करने का कार्य किया जा रहा है। प्राधिकरण द्वारा यह काम पूरा होने के बाद एशियाई शेरनी तेजिका, नर सिद्धार्थ व सुहासिनी को इस सफारी में शिफ्ट करने की विभाग की योजना है।
विज्ञापन
विभाग का अनुमान है कि 2018 में जयपुर सहित अन्य देशी-विदेशी पर्यटक यहां लाॅयन सफारी का आनंद ले सकेगें। गौरतलब है कि नाहरगढ बायलोजिकल पार्क, नाहरगढ अभयारण्य जयपुर-नई दिल्ली राजमार्ग पर स्थित है।
विज्ञापन
जानिएं, यह खूबियां है इस बॉयोलोजिकल पार्क में
जयपुर शहर से इसकी दूरी लगभग 12 किलोमीटर है। 720 हैक्टयर भूमि में बसे पार्क का मुख्य उद्देश्य वन्य जीवों एवं वनस्पति का संरक्षण करना है। पार्क में रामसागर जलाशय है जो कि पक्षी प्रेमियों के लिये काफी राहत वाला है। यहीं, प्राचीन सूरा की बावड़ी और तीन शिकार होदियां भी आकर्षण का केन्द्र है।
नाहरगढ़ बायोलाॅजिकल पार्क के 80 हैक्टयर क्षेत्र में नाहरगढ जूलाॅजिकल पार्क विकसित किया गया है। नाहरगढ़ जूलाॅजिकल पार्क में वर्तमान में 21 एनक्लोजर है। जिसमें संकट ग्रस्त जाति बाघ, शेर, बघेरा इत्यादि हैं। इन सभी प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवास के समान आवास बनाने का प्रयास किया गया है।
इस जूलाॅजिकल पार्क का उद्घाटन 4 जून 2016 को किया गया था। नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में लाॅयन सफारी, एक्जोटिक पार्क, हरपेरेटियम एवं रामसागर पर हाथी सफारी प्रस्तावित है।
नाहरगढ़ बायोलाॅजिकल पार्क के 80 हैक्टयर क्षेत्र में नाहरगढ जूलाॅजिकल पार्क विकसित किया गया है। नाहरगढ़ जूलाॅजिकल पार्क में वर्तमान में 21 एनक्लोजर है। जिसमें संकट ग्रस्त जाति बाघ, शेर, बघेरा इत्यादि हैं। इन सभी प्रजातियों को उनके प्राकृतिक आवास के समान आवास बनाने का प्रयास किया गया है।
इस जूलाॅजिकल पार्क का उद्घाटन 4 जून 2016 को किया गया था। नाहरगढ़ बायोलॉजिकल पार्क में लाॅयन सफारी, एक्जोटिक पार्क, हरपेरेटियम एवं रामसागर पर हाथी सफारी प्रस्तावित है।