यहां भी बच्चों की मौत का खेल, बीते 50 दिन में 80 नवजात की मृत्यू
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मासूमों की मौत का कारण उठा तूफान अभी तक थमा नहीं है। लेकिन एक और ऐसा शहर है जहां भी नवजात लगातार दम तोड़ रहें है और सरकार आंख मूंद कर बैठी है।
यह शहर है राजस्थान का बांसवाड़ा। आदिवासी बहुल इस जिले के प्रमुख सरकारी अस्पताल में बीते 50 दिनों में 80 से अधिक नवजात की मौत हो चुकी है।
लेकिन राजधानी जयपुर से सैंकड़ों किलोमीटर दूर इस शहर में हो रही मासूमों की मौत का सरकार की सेहत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है।
हालांकि बांसवाड़ा में नवजात की मौत का कारण यहां के चिकित्सक प्रसूताओं को पोषक आहार नहीं मिलना बता रहें है।
जानकारी के अनुसार आदिवासी बहुल ईलाका होने के यहां महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान कैल्सियम या अन्य स्वास्थ्यवर्धक दवा व पोषक भोजन नहीं मिलता है। जिसके कारण पैदा होने वाला नवजात काफी कमजोर होता है।
तमाम सरकारी योजनाओं के बाद भी बुरा हाल
यहीं कारण है कि यहां औसतन प्रतिदिन एक नवजात की मौत हो रही है। लेकिन चिकित्सकों का कहना है कि बीते 50 दिनों में इस प्रकार की मौतों की संख्या में तेजी से ईजाफा हुआ है।
आरोप है ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी सही प्रकार से गर्भवती महिलाओं की देखभाल नहीं कर रहें है जिसके कारण नवजात काफी कमजोर पैदा हो रहें है।
यही मुख्य रुप से नवजात की मौत का कारण बताया जा रहा है।