फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Rajasthan ›   Jaipur News ›   new born baby death in increasing here

यहां भी बच्चों की मौत का खेल, बीते 50 दिन में 80 नवजात की मृत्यू

Wed, 30 Aug 2017 10:40 AM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर Updated Wed, 30 Aug 2017 10:40 AM IST
विज्ञापन
new born baby death in increasing here
फाइल फोटो।

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में मासूमों की मौत का कारण उठा तूफान अभी तक थमा नहीं है। लेकिन एक और ऐसा शहर है जहां भी नवजात लगातार दम तोड़ रहें है और सरकार आंख मूंद कर बैठी है।

विज्ञापन



यह शहर है राजस्थान का बांसवाड़ा। आदिवासी बहुल इस जिले के प्रमुख सरकारी अस्पताल में बीते 50 दिनों में 80 से अधिक नवजात की मौत हो चुकी है।


लेकिन राजधानी जयपुर से सैंकड़ों किलोमीटर दूर इस शहर में हो रही मासूमों की मौत का सरकार की सेहत पर कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है।


हालांकि बांसवाड़ा में नवजात की मौत का कारण यहां के चिकित्सक प्रसूताओं को पोषक आहार नहीं मिलना बता रहें है।


जानकारी के अनुसार आदिवासी बहुल ईलाका होने के यहां महिलाओं को गर्भावस्था के दौरान कैल्सियम या अन्य  स्वास्थ्यवर्धक दवा व पोषक भोजन नहीं मिलता है। जिसके कारण पैदा होने वाला नवजात काफी कमजोर होता है।

विज्ञापन

तमाम सरकारी योजनाओं के बाद भी बुरा हाल

new born baby death in increasing here
फाइल फोटो।

यहीं कारण है कि यहां औसतन प्रतिदिन एक नवजात की मौत हो रही है। लेकिन चिकित्सकों का कहना है कि बीते 50 दिनों में इस प्रकार की मौतों की संख्या में तेजी से ईजाफा हुआ है।


आरोप है ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारी सही प्रकार से गर्भवती महिलाओं की देखभाल नहीं कर रहें है जिसके कारण नवजात काफी कमजोर पैदा हो रहें है।


यही मुख्य रुप से नवजात की मौत का कारण बताया जा रहा है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed