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कोटा का यह स्टार्टअप दुनिया के टॉप-10 में शामिल
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
Updated Thu, 04 May 2017 04:23 PM IST
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- फोटो : Internet
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एजुकेशन सिटी कोटा के टैक्नो सेवी युवाओं ने एकबार फिर से कमाल दिखाते हुए देश का नाम ऊंचा किया है। मेडिकल फील्ड से जुड़े इस स्टार्टअप को दुनिया के टॉप-10 स्टार्टअप में जगह मिली है।
कोटा के दो युवाओं ने दवाओं का प्रिसक्रिप्शन और रिपोर्ट्स के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के लिए एक खास एप तैयार की है जिसे 1 से 2 मई को अमेरिका में आयोजित किए गए फास्टेस्ट ग्रोइंग टीच में शामिल किया गया। इस फेस्ट में दुनियाभर से करीब 1 लाख एंट्रीज आई थी। इस एप को कोटा के रहने वाले श्रेयांश मेहता, निखिल बाहेती और उनके दो दोस्तों ने मिलकर बनाया है। इस एप की शुरुआत 9 मई को कोटा के भीमगंज मंडी से होगी।
क्या खास होगा एप में
इस एप की मदद से अस्पताल में डॉक्टर्स द्वारा मरीजों को दिया जाने वाला प्रिसक्रिप्शन,रिपोर्ट्स,जांच लैब्स,मेडिकल स्टोर एक साथ एक ही जगह आसानी से उपलब्ध होगी। इस एप के जरिए मरीज का मेडिकल रिकॉर्ड हमेशा सुरक्षित रहेगा। अनुमान लगाया गया है कि देशभर के लगभग 10 लाख मेडिकल स्टोर्स को इस एप के जरिए जोड़ा जाएगा वहीं इस एप के जरिए 5 साल के भीतर 5 करोड़ मरीजों को भी जोड़े जाने का लक्ष्य है।
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जहां से मिला आइडिया वहीं से एप
इस एप को तैयार करने के पीछे इन युवाओं को कोटा के भीमगंज मंडी से प्रेरणा मिली है। एप तैयार करने वाले श्रेयांश मेहता एक बार जब अपने डॉक्टर पिता के साथ भीमगंज मंडी स्थित अस्पताल गए थे तो उन्होनें वहां देखा कि कई मरीजों के पास अस्पताल की पुरानी पर्ची और रिपोर्ट लेकर नहीं आए जिसके बाद डॉक्टरों को उन्हें देखने और आगे की दवाई लिखने में काफी परेशानी आई। बस इस घटना को देखने के बाद ही इन लड़कों ने यह एप बना डाली।
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कोटा के दो युवाओं ने दवाओं का प्रिसक्रिप्शन और रिपोर्ट्स के रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के लिए एक खास एप तैयार की है जिसे 1 से 2 मई को अमेरिका में आयोजित किए गए फास्टेस्ट ग्रोइंग टीच में शामिल किया गया। इस फेस्ट में दुनियाभर से करीब 1 लाख एंट्रीज आई थी। इस एप को कोटा के रहने वाले श्रेयांश मेहता, निखिल बाहेती और उनके दो दोस्तों ने मिलकर बनाया है। इस एप की शुरुआत 9 मई को कोटा के भीमगंज मंडी से होगी।
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क्या खास होगा एप में
इस एप की मदद से अस्पताल में डॉक्टर्स द्वारा मरीजों को दिया जाने वाला प्रिसक्रिप्शन,रिपोर्ट्स,जांच लैब्स,मेडिकल स्टोर एक साथ एक ही जगह आसानी से उपलब्ध होगी। इस एप के जरिए मरीज का मेडिकल रिकॉर्ड हमेशा सुरक्षित रहेगा। अनुमान लगाया गया है कि देशभर के लगभग 10 लाख मेडिकल स्टोर्स को इस एप के जरिए जोड़ा जाएगा वहीं इस एप के जरिए 5 साल के भीतर 5 करोड़ मरीजों को भी जोड़े जाने का लक्ष्य है।
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जहां से मिला आइडिया वहीं से एप
इस एप को तैयार करने के पीछे इन युवाओं को कोटा के भीमगंज मंडी से प्रेरणा मिली है। एप तैयार करने वाले श्रेयांश मेहता एक बार जब अपने डॉक्टर पिता के साथ भीमगंज मंडी स्थित अस्पताल गए थे तो उन्होनें वहां देखा कि कई मरीजों के पास अस्पताल की पुरानी पर्ची और रिपोर्ट लेकर नहीं आए जिसके बाद डॉक्टरों को उन्हें देखने और आगे की दवाई लिखने में काफी परेशानी आई। बस इस घटना को देखने के बाद ही इन लड़कों ने यह एप बना डाली।